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नाथुला दर्रे से दोबारा शुरू हो सकती है मानसरोवर यात्रा, बातचीत के लिए चीन तैयार

कुलदीप सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 12 , 2017 , 15:31 IST | बीजिंग

चीन ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए नाथुला दर्रा दोबारा खोलने के लिए वार्ता हेतु तैयार हैं। चीन ने डोकलाम विवाद के चलते यह मार्ग जून के मध्य में बंद कर दिया था। यानी जल्द ही नाथुला पास के जरिए चीन कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू हो सकती है। 

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा,

ची नाथुला दर्रा दोबारा खोलने और भारतीय तीर्थयात्रियों से जुड़े अन्य मुद्दों के संदर्भ में भारत के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं।


भारत और चीन के बीच बीते दो से अधिक महीने तक चले डोकलाम विवाद को पिछले महीने सुलझा लिया गया था। 

 

नाथुला दर्रे से बंद हुई थी मानसरोवर यात्रा 

28 जून 2017 को चीन ने कहा था कि जब भारतीय जवान डोकलाम में पीछे हटेंगे, तभी भविष्य में नाथुला दर्रे से मानसरोवर यात्रा यात्रा जारी रह सकेगी। चीन ने नई दिल्ली और बीजिंग में कूटनीतिक स्तर पर विरोध दर्ज कराया था। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा था, ‘भारत सीमा पार करने वाले जवानों को तुरंत वापस बुलाए और इस मामले की जांच कराए।'

- मानसरोवर जाने के दो रास्ते हैं, जो नाथू ला और लापूलेख से होकर जाते हैं। नाथू ला से मानसरोवर आने-जाने में 19 दिन लगते हैं, जबकि उत्तराखंड और लीपूलेख से 22 दिन में यात्रा पूरी होती है।

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नाथुला के रास्ते सिर्फ ढाई दिन पैदल चलना होता है

-दिल्ली से नाथुला के रास्ते मानसरोवर आने-जाने में 19 दिन लगते हैं। इनमें ढाई दिन पैदल चलना होता है। बाकी सफर विमान और बसों में हाेता है। इस रास्ते दूरी 3000 किमी है।

- दिल्ली से चलकर उत्तराखंड और लीपूलेख के रास्ते कैलाश-मानसरोवर जाने-आने में 22 दिन लगते हैं। इसमें 12 दिन पैदल चलना पड़ता है। पर दिल्ली से इस रास्ते की दूरी 854 किमी है।

- बता दें कि 2015 में कुल 1330 लोग मानसरोवर यात्रा पर गए थे। 1080 लोग उत्तराखंड और 250 लोग नाथू-ला के रास्ते।


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