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चीन ने जारी किया 15 पन्नों का बयान, कहा-400 भारतीय सैनिक बुलडोजर लेकर सीमा में घुस आये

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 2 , 2017 , 16:22 IST | नयी दिल्ली

डोकलाम विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच फिर से तल्खी बढ़ गई है। एक बार फिर विवाद को चीन ने ही हवा दी है। बुधवार को भारत पर निशाना साधते हुए चीन ने 15 पन्नों का बयान जारी किया। बयान में चीन ने भारत-चीन-भूटान ट्राई जंक्शन डोकलाम से “तत्काल” और “बिना शर्त वापसी” की मांग की है। चीन ने भारत पर भूटान को एक बहाने की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। चीन ने कहा,

चीन-भूटान सीमा विवाद, चीन और भूटान के बीच है। इसका भारत से कोई लेना देना नहीं है। तीसरे पक्ष के तौर पर भारत को इस मामले में हस्तक्षेप करने का हक नहीं है। साथ ही भूटान के दावों का समर्थन करने का भी कम ही अधिकार है।

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चीन ने बयान जारी कर डोकलाम क्षेत्र में ‘घुसपैठ’ का आरोप लगाते हुए भारत पर निशाना साधा। चीन इस क्षेत्र को अपना मानता है जबकि भारत और भूटान इस क्षेत्र को भूटान का हिस्सा मानते हैं। चीन ने कहा,

400 के करीब भारतीय सेना के जवान चीनी क्षेत्र में 180 मीटर तक घुस आए और जुलाई महीने के अंत तक 40 से ज्यादा जवान और बुलडोजर अवैध रूप से चीनी क्षेत्र में मौजूद थी। यह बहुत गंभीर घटना है।

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चीन ने भारत पर अपने क्षेत्र में घुसपैठ का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे क्षेत्र में भारत की घुसपैठ न सिर्फ चीन की संप्रुभता का उल्लंघन है बल्कि भूटान की संप्रभुता और स्वतंत्रता पर भी चुनौती है। बीजिंग की ओर से इस तरह के बयान विदेश मंत्रालय और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ओर से हाल के हफ्तों में आए बयानों की पुनरावृत्ति है।

पहले के बयानों में चीन की ओर से चेताया गया था कि वह किसी भी कीमत पर अपनी हितों की रक्षा करेगा। चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि देश ”किसी भी कीमत” पर चीन के सुरक्षा हितों की रक्षा करेगा। यही नहीं चीन के विदेश मंत्री वांग यी की ओर से दावा किया गया था कि भारत ने चीन की सीमा में घुसने की बात ‘स्वीकार’ की है। उन्होंने कहा कि सीमा पर हाल में पैदा हुए संकट के लिए भारत जिम्मेदार है। इसका समाधान बेहद आसान है। भारत को ईमानदारी पूर्वक अपने सैनिकों को वापस बुला लेना चाहिए।


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