इंटरनेशनल

PM मोदी का मुरीद हुआ चीन, कहा- मोदी राज में मजबूत हुई भारतीय विदेश नीति

अर्चित गुप्ता | 1
98
| जनवरी 31 , 2018 , 23:21 IST

चीन के एक प्रमुख सरकारी थिंक-टैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ रही है। चाइना इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज (CIIS) के उपाध्यक्ष रोंग यिंग ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में भारत की कूटनीति ने विशिष्ट एवं अद्वितीय 'मोदी डॉक्टि्रन' (मोदी सिद्धांत) का निर्माण किया है। यह नए हालात में बड़ी ताकत के रूप में भारत के उभरने की रणनीति है। CIIS चीन के विदेश मंत्रालय से जुड़ा है।

थिंक टैंक की पत्रिका में प्रकाशित लेख में रोंग ने भारत के चीन, दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ संबंध और अमेरिका एवं जापान के साथ करीबी संबंध पर नजर डाली है। रोंग राजनयिक के तौर पर भारत में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति तेजी से मुखर हो रही है और आपसी फायदे पेश कर रही है।

भारत-चीन संबंधों पर रोंग ने कहा कि जब से मोदी ने सत्ता संभाली है, तब से दोनों देशों ने संबंधों में स्थिर गति बनाए रखी है। उन्होंने कहा, 'डोकलाम घटना ने न केवल भारत-चीन सीमा मुद्दे को उभारा बल्कि कुल मिलाकर दोनों देशों के संबंधों को खतरे में डालने वाला भी बना।'

59425918

रोंग ने कहा कि भारत और चीन को एक दूसरे के विकास के लिए आपसी सहयोग की रणनीतिक सहमति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन भारत के विकास में बाधा नहीं है बल्कि भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। वह भारत के उदय को न रोकेगा और न ही रोक सकता है। चीन के लिए भारत एक अहम देश है।

रोंग ने कहा कि मोदी की शासन शैली के प्रभाव के तहत भारत की कूटनीति में जोखिम और व्यावहारिकता भी बढ़ी है। उन्होंने इस संबंध में म्यांमार में भारतीय सेना द्वारा उग्रवादियों के अड्डों को ध्वस्त करने का जिक्र किया।

साथ ही कहा कि 2016 में भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष का जोखिम उठाया और सीमा पार गुलाम कश्मीर में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया। रोंग ने कहा कि दक्षिण एशिया की कूटनीति में मोदी डॉक्टि्रन की अवधारणा और प्रयास झलकता है।


कमेंट करें