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निर्मला सीतारमण के नाथू-ला दौरे से बौखलाया चीन, भारत को बताया घमंडी और पागल

कुलदीप सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 9 , 2017 , 18:35 IST | बीजिंग

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नाथू ला का दौरा करने के दो दिन बाद चीन ने सोमवार को कहा कि भारत-चीन सीमा का सिक्कम सेक्टर ऐतिहासिक संकल्पों पर निर्धारित है और भारत को इस सच्चाई का सम्मान करना चाहिए। 

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने ब्रिटेन और चीन के बीच 1890 की संधि का उल्लेख करते हुए कहा, "चीन-भारत सीमा का सिक्किम सेक्टर ऐतिहासिक संकल्पों से निरूपित है और नाथू ला दर्रा इसका बेहतरीन गवाह है।"

चीन ने 73 दिनों तक चले डोकलाम विवाद के दौरान बार-बार इस संधि का उल्लेख किया था। 

हुआ ने कहा,

हमें उम्मीद है कि भारत इस तथ्य का सम्मान कर सकता है। इन ऐतिहासिक करारों और समझौतों को अवलोकन कर सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए चीन के साथ मिलकर काम कर सकता है।

हुआ नाथू ला में भारतीय सैन्य चौकी पर सीतारमण के दौरे के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रही थीं। गौरतलब है कि नाथू ला दर्रा भारत को चीन के तिब्बत से अलग करता है।

निर्मला सीतारमण द्वारा यह इस क्षेत्र में उनका पहला दौरा था और उन्होंने इस दौरान सीमा पार चीनी सैनिकों से बात की और उन्हें हिंदी में 'नमस्ते' कहना सिखाया।

डोकलाम में जारी रखेंगे सड़क निर्माण- चीन 

भारत और चीन के बीच डोकलाम सीमा विवाद पूरी तरह से थमता नहीं दिख रहा है। चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार में छपे लेख में लिखा गया है कि पेइचिंग डोकलाम में सड़क और अन्य निर्माण कार्य को जारी रखेगा। लेख में यह भी लिखा गया है कि इन निर्माण कार्यों पर भारत की कोई भी प्रतिक्रिया विचित्र है। लेख में भारतीय सोसायटी को पागलपन का शिकार और अभिमानी भी बताया गया है।

 

यह लेख बीते हफ्ते आई उन रिपोर्ट्स के जवाब में लिखा गया है जिनमें कहा गया था कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने चुंबी घाटी में एक सड़क का निर्माण शुरू किया है, जो कि उस इलाके से महज 10 किलोमीटर दूर है जहां भारत और चीन के बीच महीनो विवाद रहा। 

हैरानी की बात यह है कि लेख में भारत सरकार के कथन को दोहराते हुए कहा गया कि डोकलाम में चीन ने कोई नया निर्माण कार्य नहीं किया है। हालांकि, इस इनकार की वजह कुछ और थी। लेख के मुताबिक अभी निर्माण कार्य के लिए ठीक मौसम नहीं है। इसके अलावा यह भी दावा किया गया है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण कार्य का पूरा अधिकार पेइचिंग के पास है। 


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