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फिर आई चीनी अखबार की धमकी, कहा- अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा है भारत

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 15 , 2017 , 13:13 IST | बीजिंग

लगभग दो महीने पहले शुरू हुआ डोकलाम विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है । अब फिर एक बार डोकलाम विवाद पर चीन ने भारत काे चेतावनी दी है। चीन के सब्र की एक हद है। अगर भारत सोचता है कि चीन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता करेगा तो यह उसकी बड़ी भूल होगी। ऐसा करके भारत अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार रहा है। चीन के सब्र को उसकी कमजोरी मानना और हल्के में लेना भारत की गलती और मूर्खता है। ऐसा करके भारत एक खतरनाक रास्ते पर बढ़ रहा है। भारत को अपनी समझ दिखानी चाहिए और समझना चाहिए कि चीन के सब्र की हद है। चीन के सरकारी अखबार चाइना डेली के हवाले से यह बात कहीं गयी ।

चाइना डेली ने अपने लेख में लिखा है कि चीनी सैनिकों की मौजूदगी में चीन के इलाके में अतिक्रमण करना और वहां अपने सैनिकों की तैनाती बरकरार रखकर भारत चीन के साथ जंग चाहता है या कुछ और? चीन के अखबार चाइना डेली ने यह सवाल उठाया है।
इसमें आगे लिखा है कि चीन भारत को अपने सैनिक वापस बुलाने और गंभीर नतीजों के बारे में बार-बार आगाह कर रहा है। चीन ने एक इंच दिया तो भारत एक मील चाहता है। वह न सिर्फ बार-बार दी जा रही चेतावनी को अनसुना कर रहा है, बल्कि सरहद के उस हिस्से में अपनी सेना की मौजूदगी भी बढ़ा रहा है।

इसमें आगे लिखा है कि भारतीय न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक सरकारी अफसर का नाम न बताते हुए उनके हवाले से कहा है कि सेनाओं के बीच "चेतावनी का स्तर" बढ़ रहा है। यह कहना मुश्किल है कि वह चीन के साथ जंग की तैयारी कर रहा है। एक और मामले में भारत सरकार ने बुधवार को एलान किया कि चीन से इंपोर्ट किए जाने वाले 93 प्रोडक्ट्स पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाएगा। इसे भारत का एक और भड़काऊ कदम माना जा सकता है।

चाइना डेली अखबार में यह भी स्पष्ट किया गया की चीन भारत से किसी तरह की लड़ाई नहीं चाहता है । चीन की ओर से भारत को अपने सैनिकों को वापस बुलाने और जंग के गंभीर नतीजों के प्रति बार-बार आगाह करना उसके सब्र को दर्शाता है।

आपको बता दें यह पहली बार नहीं है जब चीन ने भारत को धमकी दी हो इससे पहले भी चीन डोकलाम विवाद को लेकर भारत को 8 बार धमकी दे चुका है।

क्या है डोकलाम विवाद?

ये विवाद 16 जून 2017 को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने डोकलाम एरिया में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का कहना है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है। इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।

नई दिल्ली ने चीन से कहा है कि चीन के सड़क बनाने से इलाके की मौजूदा स्थिति में अहम बदलाव आएगा, भारत की सिक्युरिटी के लिए ये गंभीर चिंता का विषय है। रोड लिंक से चीन को भारत पर एक बड़ी मिलिट्री एडवान्टेज हासिल होगी। इससे नॉर्थइस्टर्न स्टेट्स को भारत से जोड़ने वाला कॉरिडोर चीन की जद में आ जाएगा।


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