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चीनी मीडिया का आरोप: सुषमा ने बॉर्डर विवाद पर संसद में झूठ बोला

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 21 , 2017 , 20:02 IST | बीजिंग

चीन के सरकारी न्यूज पेपर ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि सिक्किम बॉर्डर विवाद पर सुषमा स्वराज ने संसद में झूठ बोला। ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि चीन की सीमा में भारत की घुसपैठ एक फैक्ट है। नई दिल्ली ने अपनी इस हरकत से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंका दिया है और कोई भी देश भारत के इस कड़े रवैये का समर्थन नहीं कर रहा है।

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बता दें कि सुषमा ने गुरुवार को संसद में कहा था कि डोकलाम (चीन-भूटान-भारत का ट्राइजंक्शन) में भारत की पोजिशन गलत नहीं है और सभी देश उसका समर्थन कर रहे हैं।

ग्लोबल टाइम्स ने बॉर्डर विवाद पर और क्या कहा

भारत के साथ लड़ाई की तैयारी करेगा चीन

ग्लोबल टाइम्स ने चीन को फिर से अपना हिस्सा बताया और कहा कि,

भारत डोकलाम में लंबे समय तक के बॉर्डर विवाद का सपना भूल जाए। चीन इस विवाद का हल नॉन डिप्लोमैटिक तरीके से भी निकाल सकता है

चीन ने इस मुद्दे पर बार-बार अपना स्टैंड साफ किया है। भारत के साथ चीन ने बहुत ज्यादा टॉलरेंस और पेशेंस दिखाया है। अगर भारत की सेनाएं लगातार चीन की सीमा में घुसपैठ करेंगी तो बीजिंग भारत के साथ लड़ाई की तैयारी करेगा।

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भारत को गलती का अहसास हो रहा है

इस मुद्दे पर भारत अपने स्टैंड से थोड़ा सा अलग हटा है। अब वो डोकलाम को इंडिया-चीन-भूटान के ट्राइजंक्शन का इलाका कह रहा है। ये दिखलाता है कि भारत को अपनी गलती का अहसास हो रहा है। भारत ने इस खबर के बारे में सुना होगा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने इंडिया-चीन बॉर्डर के पास अपने ट्रूप्स को तैनात किया है और वहां सप्लाई और मटीरियल्स भेजे जा रहे हैं।

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रिपोर्ट ये भी है कि PLA पहाड़ी इलाकों में ऑपरेशन के लिए ड्रिल कर रहा है। ये निश्चित तौर पर दिखावे के लिए नहीं है। PLA जब इंडिया-चीन बॉर्डर के पास शिफ्ट हो गई है तो ये तय है कि वो जब तक अपना इलाका वापस हासिल नहीं कर लेगी, तब तक जवानों को पीछे नहीं हटाएगी।"

चीन को सेना की ताकत दिखाने का स्टेज तैयार

संपादकीय में चीन की सेना की ताकत की बड़ाई की गई। इसमें कहा गया कि इंडिया-चाइना बॉर्डर एरिया एक ऐसा स्टेज बन सकता है, जहां चीन लंबे अरसे के दौरान हासिल किए गए अपने मिलिट्री डेवलपमेेंट और अचीवमेंट्स को दिखा सकता है। भारत आने वाले वक्त में और ज्यादा टेंशन झेलने के लिए तैयार रहे। ऐसा मानना कि अमेरिका और जापान भारत का सपोर्ट करेंगे, ये महज एक भुलावा है।

 


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