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गरम हो रही है धरती, मान जाओ नहीं तो इस ग्लोबल वार्मिंग में सब खाक हो जाएगा!

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 23 , 2017 , 14:34 IST | नयी दिल्ली

Whenever the hell and hellfire are said in different parts of the world or these places are imagined, the first thing that comes to mind is that hot, hot hot atmosphere This is the person's curiosity or the foolishness that we are trying to make our earth to be a hellfire.


Today, this self-destructive phenomena is called global warming. Due to global warming, the temperature of the earth surface is constantly increasing. It has been assessed that in the next 50 or 100 years the temperature of the earth will increase so that there will be many problems on this earth for life.

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This has affected the climate and biodiversity of the earth for decades. Growth in sea water level, thaw glaciers, unpredictable atmospheric changes which affect life's potential on Earth. According to statistics, from the middle of the 20th century, the temperature of the earth is constantly increasing.

ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है। कोयले का इस्तेमाल, जीवाश्म ईंधनों का इस्तेमाल, परिवहन के लिये गैसोलिन का इस्तेमाल, बिजली का गैर-जरूरी इस्तेमाल आदि से वातावरण में ग्रीन हाउस गैस, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), मिथेन (CH4) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैसों की मात्रा काफी बढ़ रही है, जो ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए मुख्य तौर पर जिम्मेदार है।

दरअसल रेडियेशन की प्रक्रिया के तहत सूरज की किरणें सीधे धरती पर आती है, फिर धरती से टकराकर वापस ऊपर लौटती है। लेकिन ग्रीन हाउस गैस की मोटी चादर इन किरणों को वापस लौटने में बाधा डाल रही है। जिसकी वजह से वातारवण का तापमान लगातार बढ़ रहा है। 

ग्लोबल वॉर्मिंग से नुकसान : इससे ओजोन परत का क्षरण, समुद्र के जल स्तर में वृद्धि, मौसम के स्वभाव में बदलाव, बाढ़, तूफान, महामारी, खाद्य पदार्थों की कमी, घातक बीमारियों जैसे स्किन कैंसर आदि में बढ़ोतरी होगी जो धरती पर जीवन के संभावानाओं को कम करता जाएगा।

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दूसरी क्रियाएँ जैसे CFCs गैसों में वृद्धि, ट्रौपोसफेरिक ओजोन और नाईट्रस ऑक्साइड भी ग्लोबल वार्मिंग के लिये जिम्मेदार है। इसके बढ़ने का मौलिक कारण तकनीकी उन्नति, जनसंख्या विस्फोट, औद्योगिकीकरण, वनों की कटाई, और शहरीकरण आदि हैं।

Trees are the best choice to remove carbon dioxide from the air. Therefore, there will be a need to stop deforestation and to eliminate the threat of global warming, people will have to spread awareness and encourage them for tree plantation. 


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