राजनीति

जेटली मानहानि केस: सरकारी खजाने से वकील के 4 करोड़ की फीस भरना चाहते हैं केजरीवाल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 4 , 2017 , 12:17 IST | नई दिल्ली

उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर दायर मानहानि का मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ वकील की फीस से जुड़े बिलों को पास करने को लेकर सॉलिसीटर जनरल रंजीत कुमार से सलाह मांगी है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल जनता के टैक्स के पैसे से मशहूर वकील राम जेठमलानी की फीस भर रहे हैं। 

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के कानून विभाग ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के एक नोट के उत्तर में कहा था कि इन बिलों के भुगतान हेतु उपराज्यपाल का हस्ताक्षर आवश्यक है। इसी पर बैजल ने सलाह मांगी है। 

सूत्रों ने कहा, सिसोदिया ने दिसंबर में वकील राम जेठमलानी की फीस भरने के लिए कुछ अग्रिम राशि देने को भी कहा था। केन्द्रीय मंत्री अरूण जेटली की ओर से केजरीवाल के खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के मुकदमे में जेठमलानी दिल्ली के मुख्यमंत्री के वकील हैं।


दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजेंद्र पाल सिंह बग्गा ने दो लेटर ट्वीट किए हैं। पहली चिट्ठी राम जेठमलानी के सेक्रेटरी की तरफ से दिल्ली के सीएम के सचिव को लिखी गई है। जिसमें कहा गया है, राम जेठमलानी को वकील के तौर पर नियुक्त करने की रिटेनरशिप फीस एक करोड़ है साथ ही कोर्ट की हर सुनवाई के लिए 22 लाख रुपए देने होंगे। वहीं दूसरी चिट्ठी एक फाइल के कागज़ हैं जिसमें दिल्ली के कानून मंत्री मनीष सिसोदिया ने लिखा है, जैसे-जैसे जेठमलानी की तरफ से बिल आते रहें, उन्हें भुगतान कर दिया जाए और ये फाइल उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास मंजूरी के लिए न भेजी जाए।

सूत्रों का कहना है कि जेठमलानी की फीस का करीब तीन करोड़ रूपया बकाया है और कानून विभाग का मानना है कि जब मुकदमा सरकार से जुड़ा नहीं है तो उसकी फीस का भुगतान सरकारी खर्च से क्यों होनी चाहिए। उपराज्यपाल ने कुमार को पत्र लिखकर जानना चाहा है कि सरकार को यह भुगतान करनी चाहिए या नहीं।


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