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क्या कश्मीर को सीरिया बनाना चाहते है आप? फारूख से महबूबा ने पूछा

अनुराग गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 22 , 2017 , 18:45 IST | श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारूख अब्दुल्ला के कश्मीर मसले पर मध्यस्थता को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि, आज इराक-सीरिया और अफगानिस्तान में जो हालात हैं, क्या इस पर फारूख साहब अमेरिका से कुछ चाहते हैं? अमेरिका और चीन अपने काम संभालें। जब हमें आपस में मिलकर बात करनी है तो अमेरिका, तुर्किस्तान और इंग्लिस्तान (ब्रिटेन) क्या करेगा।

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महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का हल सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बातचीत से ही निकल सकता है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बात करते हुए कहा कि जैसा उन्होंने लाहौर में कहा था कि, कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए भारत और पाकिस्तान को आपस में बातचीत करनी चाहिए। इसके बाद महबूबा ने प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि, क्या फारूख अब्दुल्ला को नहीं पता कि सीरिया और अफगानिस्तान में आखिर क्या हुआ था?

दरअसल, मुख्यमंत्री मुफ्ती ने फारूख अब्दुल्ला के उस बयान पर तीखे शब्दों से हमला किया जिसमें फारूक ने कहा था कि अमेरिका और चीन को कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए दखल देना चाहिए। उन्होंने कहा वैश्विक स्तर पर भारत के कई सहयोगी देश हैं, जिनसे कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए मदद ली जा सकती है और सहयोगी देश भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कर सकते हैं।

महबूबा ने आगे कहा कि, कितने समय तक कश्मीर मुद्दे के समाधान का इंतजार करते रहेंगे। कभी-कभी समस्या के समाधान के लिए सीधे भिड़ना पड़ता है और यह तरीका बातचीत का है। वैश्विक स्तर पर भारत के कई सहयोगी और मित्र देश है जिन्हें मध्यस्थता के लिए कहा जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद कहा था कि मैं कश्मीर समस्या हल करना चाहता हूं, हमने उनसे नहीं कहा। चीन ने भी कहा कि वो कश्मीर पर मध्यस्थता करना चाहते हैं।

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कुछ पहले ही कश्मीर मुद्दे पर चीन ने पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर मीडिएटर बनने को कहा था, उस वक्त भारत ने चीन की पेशकश को ठुकरा दिया था। बता दें कि पाकिस्तान द्वारा लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन किए जाने पर फारूख ने कहा था कि जब तक आप कश्मीर पर पाकिस्तान से बात नहीं करेंगे, कश्मीर मुद्दे का हल नहीं निकालेंगे, यह नहीं रुकने वाला है। हमें यह समझना होगा कि कश्मीर मुद्दे में पाकिस्तान भी एक पक्ष है।


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