राजनीति

गुजरात में डूबी कांग्रेस की नाव, 7 विधायकों का इस्तीफा बना अहमद पटेल की मुश्किल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 28 , 2017 , 16:54 IST | अहमदाबाद

गुजरात कांग्रेस के दो विधायकों ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ विधायक राघवजी पटेल ने कहा कि वह भी अन्य विधायकों के साथ इस्तीफे देने की तैयारी कर रहे हैं। गुजरात में कांग्रेस की हालत खराब हो रही है अब तक कुल 7 विधायक कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं। 

जनजातीय वांसादा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक चन्नाभाई चौधरी और बालासिनोर से मानसिंह चौहान ने अपना इस्तीफा अध्यक्ष रमनलाल वोहरा को सौंप दिया। इन सभी की भाजपा से जुड़ने की उम्मीद है। 

सौराष्ट्र के जामनगर (ग्रामीण) निर्वाचन क्षेत्र के एक विधायक राघवजी पटेल ने कहा,

मैं भाजपा में जाना चाहता हूं और पांच अन्य भी हैं जो इसकी तैयारी कर रहे हैं।


उन्होंने कहा,

हम निराश हैं। किसी ने हमारी आवाज नहीं सुनी और न ही हमारे विचारों की ओर ध्यान दिया।


पटेल, चौधरी और चौहान को विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला के करीबी माना जाता है, जिन्होंने 21 जुलाई को अपने जन्मदिन पर विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा दे दिया था। वाघेला ने आरोप लगाया था कि उन्हें पार्टी से बाहर निकालने के लिए आतंरिक षड्यंत्र रचा गया था।

सिद्धपुर से विधायक बलवंत सिंह राजपूत, विरामगम से विधायक तेजश्री पटेल, और विजापुर के विधायक पी आई. पटेल ने गुरुवार दोपहर को अपना इस्तीफा सौंपा और भाजपा में शामिल हो गए। 

भाजपा में शामिल होने के कुछ मिनटों के भीतर राजपूत को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बाद पार्टी के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया। शाह, स्मृति और राजपूत ने 8 अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया।

गुजरात में लगातार हो रहे कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे से गुजरात से राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे कांग्रेस के रणनीतिकार अहमद पटेल के जीतने पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या अब 50 रह गई है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 47 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। 

कांग्रेस विधायक मान सिंह चौहान और छानाभाई चौधरी ने शुक्रवार (28 जुलाई) को विधान सभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। साल 1990 से 1995 के बीच कांग्रेस की सरकार में चौहान परिवहन मंत्री थे। दोपहर होते-होते गोधरा के विधायक सी के रौली और थासरा के विधायक राम सिंह परमार ने भी अपना इस्तीफा विधान सभा स्पीकर को सौंप दिया। परमार खेड़ा की अमूल डेयरी के चेयरमैन हैं।

कांग्रेस के इन विधायकों के इस्तीफे से सोनिया गांधी के करीबी अहमद पटेल के राज्य सभा में पहुंचने की कोशिश को झटका लग सकता है। राज्य में आठ अगस्त को संसद के ऊपरी सदन के लिए चुनाव होना है। 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या अब 50 रह गई है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 47 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। अगर चार और विधायकों ने पार्टी छोड़ी तो अहमद पटेल का संसद पहुंचना मुश्किल होगा।

गुजरात में हुई कांग्रेस के विधायकों के पार्टी छोड़ने के सिलसिले को कांग्रेस ने षड़यंत्र करार दिया है। पार्टी का कहना है कि गुजरात में बीजेपी ने करोड़ों रुपए खर्च करके कांग्रेस को तोड़ने का काम किया है।


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