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58 साल पहले जान बचाकर भारत लाने वाले जवान से मिल भावुक हुए दलाई लामा

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अप्रैल 3 , 2017 , 12:31 IST | गुवाहाटी

तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा असम राइफल्स के उस जवान से मिले जो पांच जवानों के उस समूह में शामिल था, जो मार्च 1959 में उन्हें तिब्बत से निकालकर भारत लाया था। इस दौरान वह काफी भावुक हो गये।

 

असम सरकार की ओर से आयोजित ‘नमामि ब्रह्मपुत्र’ नदी महोत्सव के दौरान एक सत्र में दलाई लामा ने सेवानिवृत जवान नरेन चंद्र दास को गले लगा लिया।

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इस मौके पर अभिभूत दलाई लामा ने कहा, ‘‘आपको बहुत-बहुत शुक्रिया..मैं असम राइफल्स के इतने पुराने जवान से मिलकर बहुत खुश हूं, जो 58 वर्ष पहले अपनी सुरक्षा में मुझे भारत लेकर आये थे।’’ उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘‘आपके चेहरे को देखकर लगता है कि मैं भी तब उम्रदराज था।’’ असम राइफल्स की वर्दी पहने 76 वर्षीय दास ने कहा कि वह बल से जुड़ने के दो साल के भीतर वर्ष 1959 में अपनी सुरक्षा में दलाई लामा को भारत लाए थे।

 

चीन ने दलाई लामा को कहा अलगाववादी

चीन ने दलाई लामा के उस बयान को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि बढ़ती चीनी सैन्य कार्रवाई के कारण भागने के अलावा उनके पास और कोई विकल्प नहीं था। चीनी विदेश मंत्रालय ने उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जैसा सर्वविदित है 14 वें दलाई लामा एक चीन विरोधी अलगाववादी हैं, जो तिब्बत में मार्च 1959 में एक प्रतिक्रियावादी समूह के विफल सशस्त्र विद्रोह के बाद से लंबे समय से निर्वासन में हैं।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

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