नेशनल

दलाई लामा का बड़ा बयान, बोले- कबूतर उड़ाने से 'शांति' नहीं आती, गुरु से 'चेला' बना भारत

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 1
289
| दिसंबर 31 , 2017 , 19:18 IST

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा है कि अपनी पुरानी परंपराओं को भूलने के कारण कलतक जो भारत सबका गुरु था, अब वह चेला (शिष्य) बन गया है। इसके साथ ही दलाई लामा ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 'शांति मॉडल' पर भी तंज कसा। लामा ने कहा कि सिर्फ कबूतर उड़ाने से शांति नहीं आ सकती। यह आंतरिक मामला है। कबूतर उड़ाना दिखावा मात्र है।

सारनाथ में सेमिनार को संबोधित करने आए थे दलाई लामा

सारनाथ के केंद्रीय तिब्बती संस्थान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में आध्यात्मिक गुरु ने कहा, 'आधुनिक भारतीय अपनी पुरानी परम्परा को भूलते हुए पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं। यह खतरनाक संकेत है। कलतक जो भारत सबका गुरु था अब वही अपनी विशेषताएं भूलकर शिष्य (चेला) बन गया है। भारतीय पुरातन ज्ञान को नकार रहे हैं।

शांति एक आंतरिक मामला

दलाई लामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में नेहरू के 'शांति मॉडल' पर तंज कसते हुए कहा, 'कबूतर उड़ाने से शांति नहीं आ सकती। शांति के प्रतीक के रूप में कबूतर उड़ाना दिखावा मात्र है। शांति एक तरह का आंतरिक मामला है और इसका कबूतर उड़ाने से कोई लेना-देना नहीं। दलाई लामा ने कहा कि भारतीय ज्ञान की प्राचीन पंरपरा ही आंतरिक शांति के अलावा नकारात्मक भावनाओं को दूर करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि नए और पुराने का संतुलित संयोजन करना सिर्फ भारत के बूते की ही बात है। धर्मगुरु ने कहा कि भारत को यह शक्ति उसकी हजारों साल पुरानी ज्ञान परंपरा से मिली है।

मानव हित में करें काम

दलाई लामा ने विश्व के समस्त प्रबुद्ध वर्ग को राजनैतिक, धार्मिक और अन्य सभी सीमओं से आगे बढ़कर मानवता के हित में काम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खुशहाल विश्व के निर्माण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।


कमेंट करें