नेशनल

दारुल उलूम का फतवा: मुस्लिम महिलाओं का आइब्रो बनवाना इस्लाम के खिलाफ

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
133
| अक्टूबर 7 , 2017 , 16:19 IST | सहारनपुर

मुस्लिम महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश दारुल उलूम देवबंद की ओर से एक फतवा जारी किया गया है। फतवे में मुस्लिम महिलाओं की हेयर कटिंग और आइब्रो बनवाने को नाजायज करार दिया गया है। यहां के फतवा डिपार्टमेंट के मौलाना लुतफुर्रहमान सादिक कासमी ने इसे जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम को ये फतवा काफी पहले ही जारी कर देना चाहिए। यही नहीं देवबंद ने अपने अजीबो गरीब फतवे में कहा है कि बिना वजह बाल कटवाना भी नाजायज है।

फतवा डिपार्टमेंट ने तर्क दिया, "महिलाओं के लिए जो दस पाबंदियां बताई गई हैं, उनमें बाल काटना और आइब्रो बनवाना भी शामिल है। बाल महिलाओं की खूबसूरती होती है। जब तक कोई मजबूरी ना हो, तब तक बाल नहीं कटवाने चाहिए। बिना किसी मजबूरी के बाल कटवाना नाजायज है।'

मौलाना लुतफुर्रहमान ने कहा, "मुस्लिम महिलाएं इन दिनों ब्यूटीपार्लर का काफी इस्तेमाल कर रही हैं, जो सही नहीं है। जिस तरह पुरुषों का दाढ़ी कटवाना नाजायज है, उसी तरह महिलाओं का बाल कटवाना और आइब्रो बनवाना भी गलत है।

महिलाओं के बाल कटवाने को देवबंद ने फतवा जारी करके गलत ठहराया है। फतवे में कहा गया है कि जो महिलाएं बिना वजह बाल कटवाती हैं, वह गलत है। देवबंद ने यह फतवा एक सवाल के जवाब में जारी किया है। दरअसल देवबंद से एक सवाल पूछा गया था कि क्या मुस्लिम महिलाओं को आईब्रो बनवानी चाहिए और क्या वह बाल कटवा सकती हैं। इस सवाल के जवाब में देवबंद ने कहा कि इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं है।


कमेंट करें