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दीपेंद्र हुड्डा: सेना की तरह, अर्धसैनिक बल को भी मिले वन रैंक-वन पेंशन !

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 1 , 1970 , 05:30 IST | नई दिल्ली
लोकसभा में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अर्धसैनिक बलों की विभिन्न मांगें उठायीं। इस सन्दर्भ में उन्होंने कहा कि, गृह मंत्री जी आप अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधि मंडल से मिलिए और  उनकी सारी समस्याओं का तुरंत निवारण करें। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि, सेना की तर्ज पर अर्धसैनिक बलों के लिये भी 'वन रैंक-वन पेंशन' की योजना पर ध्यान दिया जाए। 
 
केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 को जो नई पेंशन योजना लागू की थी अर्धसैनिक बलों के लिये उसकी जगह पुरानी पेंशन योजना ही लागू की कर दी जाए। देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अर्धसैनिक बल के इन सैनिकों को भी सेना की तर्ज पर शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। 
 
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आगे कहा कि, शहीद होने पर इनके परिवारवालों  को भी सभी सुविधायें और सेना के समान मुआवजा मिलना चाहिए यह उनका अधिकार है। मौजूदा समय में हमारे अर्धसैनिक बल भी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा में अपनी जान गवा रहे हैं। इनके योगदान को भी किसी से कम नहीं आंका जा सकता है। इसीलिए अर्धसैनिक बल या पैरामिलिट्री फोर्सेज की जगह इनका नाम भी अब 'इंटरनल सेक्युरिटी फोर्सेज' रखा जाना चाहिए।
 
जानकारी के लिए बता दें, भारतीय सेना से रिटायर हुए फौजी भी लंबे समय से वन रैंक-वन पेंशन की मां कर रहे थे। उनके हिसाब से रिटायर फौजियों को भी उनके रैंक के हिसाब से पेंशन मिलनी चाहिए। पूर्व सैनिकों के संगठन ने इस प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी करते रहे हैं। इस समित‍ि ने अपनी सिफारिशें अब सरकार को सौंप दी हैं। जिस पर आंतरिक समिति अभी भी विचार कर रही है। 
 
गौरतलब है कि भारतीय सेना से रिटायर सैनिकों की ओर से ऐसी मांगे उठाई जा रही है। अर्धसैनिक बलों से रिटायर सैनिक भी अब ओआरओपी की मांग कर रहे हैं। जिसके कारण  दीपेंद्र हुड्डा ने इसी मांग को आज सदन में उठाया और पुरानी पेंशन योजना भी लागू करने की मांग की है। 

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