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दिल्ली वाले पढ़ेंगे संस्कृत का पाठ, सरकार ने की कुछ इस तरह की व्यवस्था

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 27 , 2017 , 14:18 IST | नई दिल्ली

तैयार हो जाइए अब दिल्ली सरकार आपको संस्कृत सिखाएगी। दिल्ली सरकार ने दिल्ली में 75 संस्कृत शिक्षण केंद्र खोलने का फैसला किया है, जहां दिल्ली के लोग संस्कृत भाषा सीखेंगे। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस विषय की जानकारी देते हुए बताया कि ये लर्निंग सेंटर 3 महीने का कोर्स कराएंगे। सरकार ने इस सिलसिले में एक कमेटी का गठन भी किया है जो एक महीने में इन कोर्स का सिलेबस बनाएगी। इस कोर्स की क्लास हफ्ते में तीन बार दो घंटे की हुआ करेगी। सिसोदिया जो दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा इन कोर्स का उद्देश्य लोगों को भाषा में निपुण बनाना है। इस समय स्कूलों में संस्कृत पढ़ाई जा रही है लेकिन इन कोर्स में तकनीकी और व्याकारण पर अतिरिक्त ध्यान दिया जाएगा।

भाषा एवं संस्कृति मंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में कहा कि संस्कृत देश ही नहीं बल्कि दुनिया की प्राचीनतम भाषा है। इसमें काफी वैज्ञानिक काम हुए हैं लेकिन आज इसका प्रयोग घट रहा है। अब केवल ये गूढ़ एवं कर्मकाड की भाषा बनकर रह गई है। इसीलिए सरकार चाहती है कि लोग धार्मिक कर्मकाड, पूजापाठ आदि की गतिविधियों को आसानी से समझ सकें। इसे देखते हुए संस्कृत अकादमी इसका नया कोर्स तैयार कर रही है।

कोर्स की फीस भी बेहद मामूली रखने की बात कही जा रही है। इसके अलावा सरकार हिन्दी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के प्रचार पर भी जोर देगी। इसके साथ ही सरकार की योजना राज्यभर में साहित्य पर चर्चा नाम से साहित्यिक क्लब बनाने की भी है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि लोगों में संस्कृत समझने एवं बोलने का शौक पैदा हो। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस कोर्स को सीखें। एक सवाल के उत्तर में डिप्टी सीएम ने भोजपुरी भाषा में भी ऐसी पहल करने का आश्वासन दिया है।


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