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यात्री कृप्या ध्यान दें, सोमवार को ठप हो सकती है दिल्ली मेट्रो, ये है वजह

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 22 , 2017 , 12:11 IST | नई दिल्ली

दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो के पहियों पर सोमवार को ब्रेक लग सकता है। दिल्ली मेट्रो के स्टाफ यूनियन ने कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने और सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर 24 जुलाई को पूरी तरह काम बंद रखने का एलान किया है। अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। शुक्रवार को भी बदरपुर, विश्वविद्यालय, कुतुब मीनार, शाहदरा समेत 7 मेट्रो स्टेशनों पर विरोध किया गया।

कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी परिषद के सचिव अनिल कुमार महतो ने बताया कि काली पट्टी बांधकर कर्मचारी दिल्ली- एनसीआर के मेट्रो स्टेशनों पर एकत्र हुए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कई स्टेशनों के प्लैटफॉर्म पर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया।

महतो बताते है काफी लम्बे समय से वे अपनी मांगों को दिल्ली मेट्रो रेल निगम के समक्ष रख चुके हैं, लेकिन निगम उनकी मांगों के प्रति ध्यान नहीं दे रहा है। आगे महतो बताते हैं, 'अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह आंदोलन तेज़ करेंगे और 24 को जुलाई को पूरी तरह से मेट्रो सेवा ठप कर देंगे।'

महतो के अनुसार कि करीब 9,000 कर्मचारी मौजूदा आंदोलन में उनके साथ है। वे 2015 से प्रशासन के समक्ष वेतन वृद्धि की मांग रख रहे हैं।

Delhi-metro

इस मामले में डीएमआरसी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। डीएमआरसी का कहना है कि मेट्रो का परिचालन सामान्य रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को असुविधा न हो।

2015 में बढ़े हुए पे-स्केल के पर सैलरी मिलना हुआ था तय

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की स्टाफ काउंसिल के सेक्रटरी अनिल कुमार महतो ने बताया कि मेट्रो में करीब 9 हजार का परमानेंट स्टाफ है। 29 मई 2015 में DMRC से अग्रीमेंट हुआ था। जिसमें ये कहा गया था कि कर्मचारियों को बढ़े हुए पे-स्केल पर सैलरी मिलेगी, इसे लागू नहीं किया गया।कर्मचारियों का कहना है कि मेट्रो में तीसरा वेतन आयोग आने वाला है ऐसे में कर्मचारियों से विचार-विमर्श करके ही तीसरे वेतन आयोग में वेतन तय किया जाना चाहिए।

क्या है डिमांड?

1) 12 साल की नौकरी के बाद हटाए गए विनोद शाह को वापस लिया जाए।
2) काउंसिल के मेंबर रवि भारद्वाज को दी गई चार्जशीट खत्म की जाए।
3) काफी संख्या में कर्मचारियों को निगेटिव मार्किंग दी गई है, उसे वापस लिया जाए।
4) 29 मई 2015 के समझौते के तहत कर्मचारियों को एक समान वेतन दिया जाए।


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