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ख़ुलासा: समलैंगिकता छुड़ाने का ढोंग भी करता था नपुंसक बनाने वाला राम रहीम

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 31 , 2017 , 14:13 IST | नई दिल्ली

दो साध्‍वियों के साथ बलात्‍कार के मामले में 20 सालों के लिए सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद से लगातार डेरा सच्‍चा सौदा चीफ गुरमीत राम रहीम को लेकर कई चौकाने वाले खुलासे सामने आ रहे है । हाल ही पता चला है कि रेप को माफी बताने वाला रेपिस्ट बाबा समलैंगिकता का कट्टर विरोधी था। वह इसे पाप मानता था और इससे नफरत करता था। उसके अनुयायियों से डेरा प्रेमी बनने से पहले इस संबंध में एक फॉर्म भी भरवाया जाता था।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक राम रहीम ने एक शपथ पत्र छपवा रखा था इस शपथ पत्र में उसने डेरा अनुयायियों को समलैंगिकता से दूर रहने के आदेश दिये थे। इस शपथ पत्र के मुताबिक डेरा अनुयायियों को ये लिखकर देना पड़ता था कि वो बाबा राम रहीम के पवित्र दिशा निर्देशों का पालन करते हुए समलैंगिक व्यवहार को त्यागने की शपथ लेता है। रेप के गुनहगार राम रहीम ने इस शपथ पत्र में अपने अनुयायियों के हवाले से लिखवाया है कि, ‘मैं यह मानता हूं कि समलैंगिकता को धर्म, नैतिकता और आध्यात्मिकता से मान्यता नहीं दी गई है, नयी खोजों के मुताबिक समलैंगिकता कई बीमारियों की वजह है।’

भले ही गुरमीत राम रहीम के लिए बलात्कार कोई जुर्म न हो लेकिन समलैंगिकता उसके लिए किसी बड़े अपराध से कम नहीं थी।

उल्‍लेखनीय है कि गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाने वाले सीबीआई की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह लोहान ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि राम रहीम ने अपनी शिष्याओं के साथ गहरा विश्वासघात किया है। उनके विश्वास को तोड़ा।सुप्रीम कोर्ट के एक केस का हवाला देते हुए जस्टिस लोहान ने कहा कि दुष्कर्म केवल शारीरिक शोषण भर नहीं है, पीड़ित के व्यक्तित्व का भी विनाश कर देता है। दोनों पीड़िताएं गुरमीत को अपना भगवान मानती थीं। उस पर विश्वास करती थीं, लेकिन गुरमीत ने उनका शारीरिक शोषण करने के साथ-साथ विश्वास को भी मार डाला है।

 रहीम


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