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देश को मिला सबसे लंबा पुल, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, जानिए खासियत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 26 , 2017 , 15:57 IST | तेजपुर

देश के दो पूर्वोत्तर राज्यों असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाला देश के सबसे लंबे पुल का उद्धाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। सादिया और ढोला को जोड़ने वाले इस पुल को ढोला-सादिया ब्रह्मपुत्र पुल का नाम दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पुल का उद्घाटन किया। संयोग से इसी दिन नरेंद्र मोदी की सरकार अपने तीन साल पूरे कर रही है। इस पुल की अहमियत न सिर्फ यहां के लोगों के विकास से जुड़ी है, बल्कि सामरिक तौर पर भी ये अहम भागीदारी निभाएगा।

उत्तर-पूर्व के नागरिकों के लिए बड़ी सौगात

इस पुल से सुदूर उत्तर-पूर्व के लोगों के लिए आने जाने की सुविधा हो जाएगी। कारोबार को बढ़ावा भी मिलेगा। साथ ही इसके चालू होने से सेना को असम के पोस्ट से अरुणाचल-चीन बॉर्डर पर पहुंचने में आसानी होगी।

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एक नज़र इस शानदार पुल की खासियतों पर

ढोला-सादिया ब्रह्मपुत्र पुल की लंबाई 9.15 किमी है

इस लिहाज से ये बांद्रा-वर्ली सी-लिंक से भी 30 फीसदी लंबा है

ये पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किमी और अरुणाचल की राजधानी

ईटानगर से 300 किमी दूर है

जबकि चीन की सीमा का एरियल डिस्टेंस या हवाई दूरी 100 किमी से भी कम की है

तेजपुर के करीब कलाईभोमोरा पुल के बाद ब्रह्मपुत्र पर अगले 375 किमी याली ढोला तक बीच में कोई दूसरा पुल नहीं है

अभीतक इस इलाके में नदी के आरपार सारे कारोबार नावों के जरिए ही होते रहे हैं

इसे बनाने का काम 2011 में शुरू हुआ और इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 950 करोड़ की है

ये पुल 182 खंभों पर टिका है

यह ब्रिज पूर्वोत्तर के दो राज्यों असम-अरुणाचल को जोड़ेगा

जनता के आने जाने और कारोबार के अलावा इससे सेना की आवाजाही में भी बेहद सुविधा होगी

इससे चीन सीमा तक के सफर में 4 घंटे की कटौती होगी

पुल इतना मजबूत बनाया गया है कि 60 टन के मेन बैटल टैंक भी गुजर सकें

इतना ही नहीं ये भूकंप के झटके भी आसानी से झेल सकता है

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लोहित नदी पर बना है पुल

बेशक इस पुल का नाम ब्रह्मपुत्र पुल है, लेकिन ये उसकी एक अहम सहायक नदी लोहित पर बना है, जो पूरब से पश्चिम बहती हुई आकर ब्रह्मपुत्र में मिलती है।

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सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है यह पुल

लिहाजा आप कह सकते हैं कि ये पुल उत्तर-पूर्व के भी उत्तर-पूर्वी हिस्से को मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगा। ये पूरा इलाका चीन सीमा की वजह से सामरिक तौर पर बेहद अहम माना जाता है। इन इलाकों में अभीतक आने जाने के लिए आमतौर पर नावों का ही सहारा रहा है। ऐसे में गूगल अर्थ की तस्वीरों में किसी लकीर की तरह दिखने वाला यह पुल इस पूरे इलाके के लिए लाइफ लाइन साबित होने वाला है।

देखिए पुल का वीडियो


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