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फेसबुक पर अमर्त्य सेन की डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर रिलीज, सेंसर बोर्ड ने नहीं दी थी इजाजत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 15 , 2017 , 19:18 IST | कोलकाता

नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'द आर्ग्यूमेंटेटिव इंडियन' को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला। लेकिन, डायरेक्टर ने सोशल मीडिया पर इसका ट्रेलर रिलीज कर दिया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर ट्रेलर अपलोड करना कानूनन गलत नहीं है। सेंसर बोर्ड चीफ पहलाज निहलानी ने डॉक्यूमेंट्री में इस्तेमाल गाय, गुजरात और हिंदू इंडिया जैसे 4 शब्दों पर ऐतराज जताया और इन्हें हटाने की बात कही थी। हालांकि ये शब्द ट्रेलर में शामिल नहीं हैं।

देखिए ट्रेलर

बोर्ड ने कहा था कि आपत्तिजनक शब्दों को हटाए बगैर फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज नहीं किया जा सकता।

फेसबुक पर ट्रेलर को किया शेयर

फिल्म के डायरेक्टर सुमन घोष ने शुक्रवार को फेसबुक पर ट्रेलर शेयर करते हुए लिखा कि,

मैंने लोगों के साथ डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर शेयर करने का फैसला किया है, क्योंकि इसे रिलीज करने की इजाजत नहीं मिल रही थी। हम 14 जुलाई को इसे रिलीज करना चाहते थे, इसके लिए ट्रेलर भी तैयार कर लिया था। अगर आपको अच्छा लगे तो इसे जरूर शेयर करें। लोगों और मीडिया से मिले सपोर्ट के लिए आभारी हूं

डायरेक्टर ने कहा- गाय-गुजरात शब्द डॉक्यूमेंट्री का अहम हिस्सा

घोष ने बुधवार को कहा था कि सेंसर बोर्ड चाहता है कि हम फिल्म से गाय, गुजरात और हिंदुत्व जैसे चार शब्दों को म्यूट कर दें। बोर्ड के कोलकाता स्थित रीजनल ऑफिस में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के बाद हम तीन घंटे तक बैठे रहे। सेंसर बोर्ड के मेंबर्स ने फिल्म के एक-एक सीन को काफी गौर से देखा। इसके बाद U/A सर्टिफिकेट लेने के लिए मुझसे 4 शब्दों को बीप करने को कहा गया।

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हम इन्हें नहीं हटा सकते हैं, क्योंकि ये अमर्त्य सेन और इकोनॉमिस्ट कौशिक बसु के बीच इंटरव्यू के दौरान चर्चा के अहम प्वाइंट्स हैं। हम बोर्ड के लेटर का इंतजार कर रहे हैं। अगर फिल्म को आगे रिव्यू कमेटी के पास मुंबई भेजा जाता है तब भी मेरा यही जवाब होगा। आजकल फिल्मों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट मिलते हैं, उम्मीद है कि जल्द ही मसले का हल निकाल निकलेगा।''

 

 


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