इंटरनेशनल

बिना ऑक्सीजन पानी में 60 घंटे फंसा रहा ये शख्स, वापस लौटकर सभी को चौंकाया

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
329
| जुलाई 26 , 2017 , 12:04 IST | नई दिल्ली

बिना ऑक्सिजन पानी के अंदर आप कितनी देर रुक सकते हैं? 1 से 2 मिनट, लेकिन कोई आप से ये कहे कि वो 60 घंटे तक बिना ऑक्सिजन के पानी के अंदर फंसा रहा और फिर सुरक्षित वापस आ गया तो क्या आप विश्वास करेंगे। नहीं ना, लेकिन ऐसा ही हुआ है। स्पेन के सिस्को ग्रेसिया समुद्र के 130 फीट गहराई में उतरे थे। लेकिन तभी उन्हें पता चला कि उनका ऑक्सीजन खत्म होने वाला है। पास में इतना ही ऑक्सीजन बचा है जिससे वो या उनका साथी पानी के बाहर जा सकता है।

_96890844_tonicirer

ऐसे में ग्रेसिया ने अपने साथी को बाहर भेजना का सोचा। इस हालात में वो बिना डरे हालात से लड़ते रहे और अपने साथी को मदद लाने के लिए भेज दिया। लेकिन मदद पहुंचने में करीब 60 घंटे का वक्त लग गया। हैरानी की बात है कि पानी के अंदर करीब 60 घंटे तक ग्रेसिया बिना ऑक्सिजन सिलेंडर के जिंदा रहे।

_96887642_edit_dive_tonicirer3

घटना तीन महीने पुरानी है। पर ग्रेसिया के इंटरव्यू के बाद फिर चर्चा में है। उन्होंने बताया, "मैं और गुलियम मस्कारो 15 अप्रैल को रूटीन डाइव के लिए मल्लोर्का के पानी में उतरे। वहां सा-पिक्वेटा नामक अंडरवाटर गुफा में गए। गुफा में कई चैंबर हैं। इनकी खोज में एक घंटे लग गए। मैं करीब 130 फीट की गहराई में वहां रॉक सैंपल जमा करने लगा। मस्कारो तैरते हुए दूर चले गए। इससे हमारी गाइडलाइन के लिए लगी नायलॉन की पतली तार टूट गई। यही तार पानी के अंदर रास्ता दिखाती है। तार टूटने से हम चिंतित थे। तभी पता चला कि हम अपने साथ लाई ऑक्सीजन लगभग खत्म कर चुके हैं।

_96887641_subaquatiques-fig_23_ant_ed

मुझे याद था कि चैंबर में एयर पॉकेट होते हैं। पर इसकी मदद से हम दोनों में से कोई एक ही सांस ले सकता था। हमने तय किया कि मस्कारो को बाहर निकलने की कोशिश करेंगे, क्योंकि वे तेजी से तैर सकते हैं। इधर, मैंने चैंबर में एयर पॉकेट ढूंढ़ना शुरू किया। करीब 80 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा चैंबर था। इसकी ऊपरी सतह पर पीने लायक पानी था। वहीं, एक पत्थर भी था जिसकी मदद से कुछ देर के लिए सिर को पानी से बाहर निकाला जा सकता था। मैंने वही किया। मेरे पास इंतजार ही विकल्प था।

_96887637_edit_dive_tonicirer5

उम्मीद थी कि मस्कारो 7-8 घंटे में मदद भिजवा देंगे। पर 10-12 घंटे बीत गए तो उम्मीद टूटने लगी। मुझे 15 साल का बेटा और 9 साल की बेटी याद आने लगी। जोर की आवाज आती तो लगता कि मेरे साथी आ गए। पर अगले ही पल आवाज शांत हो जाती। उम्मीद की किरण अंधेरों में खो जाती। इन्हीं उम्मीदों के बीच 50 घंटे से ज्यादा बीत गए। अब तो कार्बन डाईऑक्साइड भी असर दिखाने लगी।

_96887638_edit_dive_tonicirer1

सिरदर्द होने लगा। मैंने वहां लौटना तय किया जहां अपना सामान छोड़ आया था। वहां पहुंचने पर रोशनी दिखी। फिर एक हेलमेट दिखा, जो बर्नेट क्लेमर के सिर पर था। वे मुझे ढूंढ़ने आए थे।' 54 साल के ग्रेसिया बताते हैं कि उस अंडरवाटर गुफा से निकलने में आठ घंटे और लगे। वे 15 अप्रैल को पानी में उतरे थे। बाहर 17 अप्रैल को आए।

_96972717_070464d4-af07-4bf1-a949-40b11d923d48

पानी से बाहर आने के बाद उनकी हालत नाजुक थी। शरीर का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका था। उन्हें पूरी रात शुद्ध ऑक्सीजन दी गई तब राहत मिली। हालांकि, ग्रेसिया कहते हैं कि वे अंडरवाटर गुफाओं में जाते रहेंगे क्योंकि पानी के अंदर के रहस्य खोजना उनका सबसे बड़ा शौक है।


कमेंट करें