राजनीति

घर में ही मोदी को मिल रही कड़ी चुनौती, आसान नहीं इस बार गुजरात फतह

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 9 , 2017 , 15:03 IST | अहमदाबाद

गुजरात में चुनाव आयोग ने अभी तक विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं की है। उससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 बार दौरा कर चुके हैं। पीएम मोदी तीसरी बार दौरा पर हैं । पीएम मोदी इस बार गुजरात के मतदाताओं को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे पीएम मोदी ने करीब 6 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की आधार शिला रखा, जिसमें से अधिकतर हाईवे हैं। इसमें एक सिग्नेचर ब्रिज भी शामिल है। इन सब के बीच गुजरात का किला बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तैयारी पूरी कर ली है।

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बीजेपी से सुषमा और योगी भी करेंगे गुजरात में प्रचा

पार्टी के तीन प्रमुख नेता चुनाव की घोषणा से पहले गुजरात का दौरा कर रैलियां करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ शामिल है। पीएम मोदी जहां तीन दौरे पहले ही कर चुके हैं। इसी महीने की 13 से 15 तारीख के बीच सीएम आदित्यनाथ दक्षिण गुजरात में गुजरात गौरव यात्रा करेंगे।

बीजेपी को एंटी इंकबेंसी का सता रहा डर

भाजपा को इस बार 20 साल की एंटी इनकंबेंसी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भाजपा को यह लग रहा है कि वो कहीं बहुमत से दूर ना हो जाए। भाजपा, गुजरात में अपने सभी दिग्गजों के साथ चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। दरअसल इस साल के आखिर तक दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पूरी तरह से तैयार रहना चाहती है, क्योंकि अब ये चुनाव पार्टी के लिए नाक की लड़ाई बन गई है । पीएम मोदी के दौरे से पहले ही कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारका में भगवान कृष्ण की पूजा कर गुजरात दौरे का श्रीगणेश कर चुके हैं ।

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पाटीदार आंदोलन बीजेपी के लिए बड़ी मुसीबत

वहीं गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल भी भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर रखी हैं। इनके अलावा आम आदमी पार्टी भी कुछ सीटों पर अपना कब्ज़ा ज़माने में जुटी हुई है। दूसरी तरफ मायावती की बहुजन समाज पार्टी भी भाजपा को दलित विरोधी बताकर उनका गणित ख़राब करने में जुटी हुई हैं।गौ रक्षा के नाम पर दलितों की पिटाई से दलित नाराज़ हैं। बेशक मायावती की पार्टी को वहां एक भी सीट न मिले, वोट का विभाजन हो सकता है।

लेकिन सितम्बर में किये गए एक न्यूज चैनल के ओपिनियन पोल के मुताबिक गुजरात के चारों इलाकों में भाजपा को जीत मिलती दिख रही है। उत्तरी गुजरात के कुल 53 सीटों पर बीजेपी को 59 फीसदी वोट मिलने की संभावना है जबकि कांग्रेस को मात्र 33 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है। कच्छ-सौराष्ट्र में भी बीजेपी का परचम लहरा रहा है। वहां की कुल 54 सीटों पर भाजपा को 65 और कांग्रेस को 26 फीसदी वोट मिलने की बात कही गई है।

मध्य गुजरात की 40 सीटों पर भी भाजपा को 56 फीसदी वोट और कांग्रेस को मात्र 30 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है। इसके अलावा दक्षिण गुजरात की 35 सीटों पर भी भाजपा को 54 और कांग्रेस के खाते में 27 फीसदी वोट जाता दिख रहा है। यानी गुजरात के चारों क्षेत्र में भाजपा को 50 फीसदी से ज्यादा वोट मिलता दिख रहा है। एबीपी न्यूज के मुताबिक अगर आज गुजरात में विधावसभा चुनाव होते हैं तो भाजपा की झोली में 144 से152 सीटें जा सकती हैं। फिलहाल भाजपा के खाते में 115 सीटें हैं। सर्वे में कहा गया है कि कांग्रेस की हालत पहले से और खराब होगी और उसे महज 26 से 32 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। यानी आधी सीटें गंवानी पड़ सकती हैं। अन्य के खाते में मात्र 3 से सात सीट ही जा सकती है।

आम आदमी पार्टी भी गुजरात के चुनावी समर में

182 सदस्यों वाले गुजरात विधानसभा का यह चौदहवां चुनाव होगा। फिलहाल 115 सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी गुजरात विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस है लेकिन पिछले दिनों उसके कई विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। हालांकि, पिछले तीन चुनावों में कांग्रेस की सीटों में इजाफा हुआ है जबकि भाजपा की सीटों में कमी होती गई है। माना जा रहा है कि इस बार हार्दिक पटेल और आम आदमी पार्टी के उतरने से गुजरात विधानसभा चुनाव रोमांचक होगा क्यों ऐसा पहली बार होगा जब ना तो नरेंद्र मोदी और ना ही उनके चाणक्य भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनावी मैदान में होंगे।

अलबत्ता इन दोनों नेताओं का तूफानी दौरा और चुनावी भाषण जरूर लोगों को देखने-सुनने को मिलेगा।अहमद पटेल की जीत कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित होगी या फिर गुजरात बीजेपी का ये दुर्ग इस बार भी अभेद रहेगा , इस साल के अंत तक देश जान जाएगा

 

 


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