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Essar Steel को कोर्ट से लगा करारा झटका, चुकाने होंगे बैंकों के 40,000 करोड़

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 17 , 2017 , 17:35 IST | अहमदाबाद

गुजरात हाईकोर्ट ने एस्सार स्टील को करारा झटका दिया है। हाई कोर्ट ने बैंकरप्सी के मामले में उसकी याचिका खारिज कर दी है। एस्सार स्टील ने डूबे कर्ज के मामले में रिजर्व बैंक के फैसले को चुनौती दी थी। आरबीआई ने एस्सार स्टील के मामले को कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी सीएलटी में भेज दिया था। आरबीआई ने बैंकरप्सी एंड इनसॉल्वेंसी कोड के तहत ये कार्रवाई की थी।

कंपनी ने लगाया था भेदभाव करने का आरोप

एस्सार स्टील ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर करके आरबीआई पर भेदभाव करने का आरोप लगाया था। एस्सार स्टील ने बैंकों से करीब 40 हजार करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसे वो चुका नहीं पाया था। गुजरात हाई कोर्ट के फैसले से आरबीआई और एस्सार स्टील को लोन देने वाले बैंकों का पक्ष मजबूत हुआ है। एस्सार स्टील बैंकों का करीब 40,000 करोड़ रुपये का लोन नहीं चुका पाया है।

13 जून को आरबीआई ने जारी किया था निर्देश

बैंकों के फंसे हुए कर्ज की समस्या का समाधान करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरबीआई ने ऐसे 12 खातों की पहचान की है, जिनमें प्रत्येक पर 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। कर्ज की यह राशि बैंकों के कुल एनपीए (फंसा कर्ज) का करीब 25 फीसदी है। आरबीआई ने बैंकों से इन खातेदारों के खिलाफ दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। देश के बैंकों के कुल 8 लाख करोड़ रुपये एनपीए में तब्दील हो चुके हैं, इनमें से छह लाख करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का है। 25 फीसदी के हिसाब से करीब दो लाख करोड़ रुपये की देनदारी महज 12 खाताधारकों पर है।

दरअसल, आरबीआई कर्ज न चुकाने वालों की पहचान कर रहा है। इसके तहत 500 डिफॉल्टरों में से शुरू में इन 12 की पहचान की गई है। आरबीआई के मुताबिक, ये 12 खाते तत्काल दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के तहत आते हैं। हालांकि केंद्रीय बैंक ने डिफॉल्टरों के नाम का खुलासा नहीं किया है।


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