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विधानसभा में EVM का डेमो गैरकानूनी, बोले एक्सपर्ट- मशीन से टैंपरिंग नामुमकिन

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 10 , 2017 , 14:56 IST | नई दिल्ली

ईवीएम हैकिंग की डेमो को एक्सपर्ट ने गैरकानूनी कहा है। संविधान विशेशज्ञ सुभाष कश्यप ने 'सदन में ईवीएम या ऐसी दिखने वाली मशीन का डेमो करना और उस पर सवाल उठाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।

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क्या कहते है टेक्नीकल जानकार डॉ. एमएस गिल

डॉ. एमएस गिल, पूर्व चीफ इलेक्शन कमिश्नर, जिन्होंने देश में 20 साल पहले ईवीएम शुरू करवाई थी ने कहा है कि ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं है। मैं सबसे लंबे समय तक 8 साल इलेक्शन कमीशन में रहा। करीब 6 साल तो चीफ इलेक्शन कमिश्नर ही था। इस अनुभव के आधार पर पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप बेबुनियाद है।

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ईवीएम में छेड़खानी युधिष्ठिर के आधे सच के समान

डॉ. गिल ने कहा है कि,

अरविंद केजरीवाल और आप का आरोप महाभारत में युधिष्ठिर के बोले गए आधे सच जैसा है। हां, राजनीति में सबको अपनी बात रखने का हक है। इलेक्शन कमीशन भी चाहता है कि ईवीएम में अगर कोई गड़बड़ी है तो सामने आए। उसमें सुधार किया जाएगा

चुनाव आयोग ने 52 राजनीतिक दलों को दिया है न्योता

चुनाव आयोग ने 12 मई को सभी 52 दलों को बुलाया है। अगर केजरीवाल को लगता है कि ईवीएम में कोई गड़बड़ी है तो वहां जाकर साबित करें। इससे आयोग को भी मदद मिलेगी।

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हर बार खरी साबित हुई EVM

उन्होंने कहा है कि 20 साल पहले मैंने ही सबसे पहले ईवीएम से चुनाव शुरू करवाए थे। सीएजी ने कहा था कि 75 करोड़ रुपए की मशीनें मंगवाकर 10 साल से बेकार क्यों रखी हैं। तब मैंने यह मशीनें सिस्टम में लाने का निश्चय किया। जांच-पड़ताल और पूरे इत्मिनान के बाद 1997 में दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान में पहली बार इनसे वोटिंग कराई।

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धीरे-धीरे ईवीएम पूरे देश में शुरू हो गई। कई बार सवाल भी उठे। मद्रास, केरल, बॉम्बे हाईकोर्ट के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा। जजों ने जांच की। हर बार ईवीएम मजबूती से सामने आई।

दिल्ली में जब सबसे पहली बार कांग्रेस की शीला दीक्षित सीएम बनीं तो भाजपा के साहिब सिंह वर्मा ने ईवीएम का कोई विरोध नहीं किया। कांग्रेस ने भी कभी ईवीएम का विरोध नहीं किया।

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बिल क्लिंटन ने भी की थी भारतीय EVM की तारीफ

ईवीएम से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हुए डॉ़ गिल ने कहा कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत आए थे। उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने डिनर दिया था। मैं भी बतौर चीफ इलेक्शन कमिश्नर वहां मौजूद था। क्लिंटन ने तब कहा था कि,

भारत का इलेक्शन कमीशन मेरे सामने बैठा है। मैं कहना चाहता हूं कि जो काम इंडियन इलेक्शन कमीशन कर रहा है, वह अमेरिका भी नहीं कर पाया है

 

 

 


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