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5 नहीं 8 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डाटा हुआ लीक- मार्क जुकरबर्ग

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 5 , 2018 , 15:10 IST

पॉलिटिकल डाटा एनालिसिस कंपनी 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' पर फेसबुक यूजर्स का डाटा चुराकर, उनका गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' को लेकर अहम खुलासे किए हैं। उनके मुताबिक 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' ने फेसबुक के करीब 8 करोड़ 70 लाख (87 मिलियन) यूजर्स का पसर्नल डेटा अनुचित तरीके से शेयर किया था।

बता दें कि पिछले महीने फेसबुक से 5 करोड़ यूजर्स के पर्सनल जानकारियां लीक होने की बात सामने आई थी। लेकिन, जकरबर्ग ने जो आंकड़े दिए, वो पहले दिए गए आंकड़े से 3 करोड़ 70 लाख ज्यादा है। 

फेसबुक के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर माइक स्क्रोपर ने एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए जानकारी साझा की। हालांकि, 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' ने अपने बयान में कहा था कि उसके पास सिर्फ 3 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा है।

फेसबुक का कहना है कि 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' ने डाटा अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान शेयर किये थे। ये कंपनी डोनाल्ड ट्रंप के लिए काम कर रही थी।

कैम्ब्रिज एनालिटिका ने जिन 8 करोड़ 70 लाख यूजर्स के डेटा शेयर किए हैं, उनमें सबसे ज्यादा यूजर्स (81.6%) अमेरिका से हैं। वहीं, इंडिया से 5 लाख 62 हजार 455 (0.6 प्रतिशत) यूजर्स के डेटा शेयर किया गया है।

डाटा लीक होने के कारण फेसबुक को 100 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। डाटा लीक के खुलासे के बाद फेसबुक के शेयरों में लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट आई है।

फेसबुक में हो सकते हैं नए बदलाव

-फेसबुक पर प्राइवेसी सेटिंग्स और मेन्यू को भी आसान बनाया जा रहा है ताकि उपयोगकर्त्ता उनमें आसानी से बदलाव कर सकें।

-फेसबुक में नए प्राइवेसी शॉर्टकट मेन्यू भी बनाए जा रहे हैं जिनसे उपयोगकर्ताओं को अपने अकाउंट और निजी जानकारियों पर पहले से ज्यादा नियंत्रण रहेगा।

-उपयोगकर्ता समीक्षा कर सकेंगे कि उन्होंने क्या शेयर किया है और उसे डिलीट कर सकेंगे।

-वे सभी पोस्ट जिन पर उपयोगकर्ता ने रिएक्ट किया है, जो फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है और फेसबुक पर जिसके बारे में सर्च किया है, सभी की समीक्षा की जा सकेगी।

-उपयोगकर्ता फेसबुक के साथ शेयर किए डाटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे। इसमें अपलोड किए गए फोटो, कॉन्टेक्ट्स और टाइमलाइन पर मौजूद पोस्ट को डाउनलोड किया जा सकेगा तथा किसी दूसरी जगह शेयर किये जाने की भी सुविधा होगी।

-कंपनी अपनी टर्म ऑफ सर्विस और डाटा पॉलिसी को अच्छी तरह से उपयोगकर्ता के सामने रखेगी और ये बताएगी कि उनसे किस तरह की जानकारी ली जा रही है और उसका क्या उपयोग किया जा रहा है।


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