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Movie Review: कॉमेडी का फुल डोज़ है 'सोनू के टीटू की स्वीटी'

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 23 , 2018 , 14:55 IST

इस शुक्रवार यानी 23 फरवरी को ‘प्यार का पंचनामा’ फेम डायरेक्टर लव रंजन की फिल्म ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ रिलीज हो चुकी है। फिल्म में कार्तिक आर्यन, नुशरत भरूचा और सनी सिंह मेन लीड में हैं। इनके अलावा फिल्म में आलोक नाथ, दीपिका अमीन और विरेंद्र सक्सेना भी हैं। आपको बता दें कि सोन के टीटू की स्वीटी लव रंजन की प्यार का पंचनामा की ही अगली कड़ी है।

बता दें कि निर्देशक लव रंजन की जब प्यार का पंचनामा रिलीज हुई थी तो दर्शकों ने इस फिल्म को काफी सराहा था। उसके बाद लव ने इसी फिल्म का दूसरा पार्ट बनाया वह भी काफी हिट रहा। अब लव रंजन ने कार्तिक आर्यन और नुशरत भरूचा और सनी सिंह को लेकर यह फिल्म बनाई है।

कहानी-

फिल्म की कहानी दिल्ली के एक जॉइंट फैमिली से शुरू होती है जिसमें सोनू (कार्तिक आर्यन) और टीटू (सनी सिंह) बचपन से ही साथ में रहते हैं। सोनू अपने भाई टीटू का सबसे ज्यादा ख्याल रखता है और वो टीटू को हमेशा सही सलाह भी देता रहता है। एक दिन टीटू का उसकी गर्लफ्रेंड पीहू (इशिता राज शर्मा) से ब्रेकअप हो जाता है तो सोनू उसका साथ देता है। कुछ दिनों के बाद टीटू के घरवाले उसकी शादी के लिए लड़की देखने जाते हैं। उस लड़की का नाम स्वीटी (नुशरत भरुचा) होता है जो की टीटू को किसी भी कीमत में पाना चाहती है। स्वीटी की वजह से टीटू और सनी के बीच प्यार कम होने लगता है। इस स्थि‍ति से बचने के लिए सोनू कुछ तिकड़म भिड़ाता है और बहुत सारे ट्विस्ट टर्न्स आते हैं। अब सोनू और स्वीटी में से टीटू किसको सबसे ज्यादा प्यार करता है, इसका पता आपको फिल्म देखकर ही चलेगा।

डायरेक्शन-

फिल्म का डायरेक्शन बेहतरीन है। फिल्म के डायलॉग्स हंसा-हंसा पागल करने वाले हैं। फिल्म की कहानी में जोड़े गए सभी किरदार मजेदार हैं। फिल्म आखिरी तक ऑडियंस को बांधे रखती है। फिल्म में लव, ट्विस्ट, रोमांस और ब्रोमांस से भरपूर है।

एक्टिंग-

कार्तिक आर्यन, सन्नी सिंह और नुसरत भरूचा ने बेहतरीन एक्टिंग है। तीनों ही अपने-अपने किरदारों में एकदम फिट बैठे हैं। आलोक नाथ और वीरेंद्र सक्सेना ने भी अपने रोल के साथ इंसाफ किया है।

म्यूजिक-

फिल्म का म्यूजिक भी अच्छा है। 'दिल चोरी..', 'स्वीटी स्लोली..', 'लक मेरा हिट..', 'तेरा यार हूं मैं..' गाने अच्छे बन पड़े है।

कमजोर कड़ी-

फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी एडिटिंग और गाने हैं जो फिल्म की रफ़्तार को कमजोर बना देते हैं। वहीं फिल्म का क्लाइमेक्स और भी ज्यादा बेहतर किया जा सकता था। फिल्म को लगभग 15 मिनट और छोटा किया जाता तो और भी ज्यादा क्रिस्प होती।

देखे या नहीं-

यदि आप कॉमेडी और रोमांस के बीच तगड़ा देखना पसंद करते हैं तो फिल्म देखने जरूर जाए, आपका पैसे वसूल हो जाएगा।


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