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आज पृथ्वी के बेहद करीब से होकर गुजरेगा विशाल पिंड, घबराने की जरूरत नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 19 , 2017 , 14:23 IST | नैनीताल

पृथ्वी की कक्षा के चारों ओर अनगिनत संख्या में छोटे क्षुद्र तारे और ग्रह चक्कर लगते हैं उनमें से ही एक लघुग्रह जिसका नाम 2014 जेओ 25 है, 19 अप्रैल बुधवार की शाम को धरती के बेहद करीब से होकर गुजरने जा रहा है। इन्हें पृथ्वी निकट पिंड भी कहते है।

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वैज्ञानिकों की नजरें इस लघुग्रह पर टिकी हुई हैं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इसकी पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है।

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खतरनाक है यह 2014 जेओ 25 उल्का पिंड

बता दें कि पृथ्वी की कक्षा पार करने वाले इन लघुग्रह को बेहद खतरनाक माना जाता है। इनका अपना अलग स्थान व जीवन होता है जो मंगल व गुरू की कक्षा के बीच अनगिनत संख्या में विचरण करते रहते हैं। इनमें 100 मीटर से बड़े आकार के कई पिंड मंगल व बृहस्पति के गुरूत्वाकर्षण के प्रभाव से छिटककर पृथ्वी की कक्षा में आ जाते हैं. इस वजह से इनका पृथ्वी से टकराने का कारण बढ़ जाता है।

धबराइए नहीं, धरती को नहीं है कोई खतरा

2014 जेओ 25 लघुग्रह का आकार 650 मीटर है जोकि 19 अप्रैल को धरती के निकट पहुंचने वाला है। ये धरती से 17.6 लाख किमी दूरी से होकर आगे निकल जाएगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये पिंड जितना बड़े आकार का है और पृथ्वी के इतने निकट से गुजरने वाला है, तो ये थोड़ा चिंता में डालने वाली बात कही जा सकती है। लेकिन पृथ्वी को इससे कोई खतरा नहीं है।

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2014 जेओ 25 लघुग्रह को वर्ष 2014 में खोजा गया था। तभी से वैज्ञानिकों की पैनी नजर इस पर टिकी हुई हैं। इसका परिभ्रमणकाल 2.97 वर्ष का है। नैनीताल स्थित आर्यभटट् प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे के अनुसार,

इस लघुग्रह की चमक काफी कम होने के बावजूद इसे छोटे आकार की दूरबीन से देखा जा सकता है। नजदीक आने पर बारीकी से अध्ययन किया जा सकेगा। जिससे इसकी सतह समेत कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकेंगी

बता दें कि इसके आब्जर्वेशन के लिए नासा समेत दुनिया की कई अंतरिक्ष एजेंसियां जुटी हुई हैं। भारतीय तारा भौतिकी संस्थान बंगलुरू के खगोल वैज्ञानिक प्रो. आरसी कपूर के अनुसार,

अक्सर लघुग्रह पृथ्वी के पास से होकर गुजर जाते हैं, परंतु कभी-कभी टकरा भी जाते हैं। लिहाजा इनसे सतर्क रहने की जरूरत होती है

2013 में रूस में आकाशीय पिंड के विस्फोट से हुआ था भयानक हादसा

गौरतलब है कि 15 फरवरी 2013 को रूस के चेल्लिया बिंस्क के आकाश के वातावरण में 19 मीटर का पिंड घुस आया था। यह 20 किमी उंचाई में विस्फोट के साथ नष्ट हो गया था। इस घटना में उस क्षेत्र के 1500 लोग घायल हो गए थे। इसके अलावा सात हजार से अधिक भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे। 

देखिए 2014 जेओ 25 लघुग्रह का वीडियो


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