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भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

अर्चित गुप्ता | 0
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| जनवरी 13 , 2018 , 07:04 IST | नई दिल्ली

भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा का आज जन्मदिन है। राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। राकेश बचपन से ही विज्ञान में काफी रूचि रखते थें। बिगड़ी चीजों को बनाना और इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर बारीकी से नजर रखना उनकी आदत थी।

राकेश शर्मा के जीवन से जुड़ी खास बातें:

-हैदराबाद में सेंट जॉर्जेस ग्रामर स्कूल और निजाम कॉलेज से राकेश शर्मा ने पढ़ाई की।

-1966 में 18 वर्ष की उम्र में वह बतौर कैडेट वायुसेना में भर्ती हुए।

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-चार साल के प्रशिक्षण के बाद 1970 में वह वायुसेना में पायलट बने।

पाकिस्तान से युद्ध के बाद चर्चा में आए:

1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान राकेश शर्मा ने अपने विमान "मिग एअर क्रॉफ्ट" से महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। इसी युद्ध के बाद से राकेश शर्मा चर्चा में आए और लोगों ने उनकी योग्यता की जमकर तारीफ की। शर्मा ने दिखा दिया था कि कठिन परिस्थितियों में भी किस तरह शानदार काम किया जा सकता है।

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अंतरिक्ष में जाने के लिए हुआ चयन:

-20 सितंबर, 1982 को 35 साल की उम्र में इसरो और सोवियत इंटरकॉस्मॉस स्पेस प्रोग्राम के संयुक्त मिशन के तहत अंतरिक्ष जाने के लिए उनका चयन हुआ।

ऊंची उड़ान:

तीन अप्रैल, 1984 को सोवियत संघ के अंतरिक्ष अभियान सोयुज टी-11 के तहत राकेश सोवियत संघ के अंतरिक्ष यात्रियों यूरी मालिशेव और गेनादी स्ट्रेकालोव के साथ अंतरिक्ष गए। कजाखस्तान से लांच किए गए करीब 68 सौ किग्रा वजनी रॉकेट से यह तीनों अंतरिक्ष में गए थे। अंतरिक्ष में मौजूद सल्युत-7 अंतरिक्ष केंद्र में जाने के लिए यह सोवियत संघ का छठा अभियान था।

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बिताए सात दिन:

राकेश शर्मा ने सल्युत-7 में सात दिन, 21 घंटे, 40 मिनट बिताए थे। इस दौरान तीनों अंतरिक्ष यात्रियों ने वहां करीब 43 शोध किए।

सारे जहां से अच्छा:

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राकेश से पूछा कि अंतरिक्ष से अपना देश कैसा दिखता है। उन्होंने जवाब दिया, 'सारे जहां से अच्छा'।

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