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ब्रिटेन से चली चीन के लिए पहली ट्रेन, 7 देशों और 12000 किमी का सफर करेगी तय

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 10 , 2017 , 20:58 IST | लंदन

ब्रिटेन से चीन के बीच पहली मालगाड़ी लंदन के एसेक्‍स से रवाना हो गई है। यह मालगाड़ी 7500 मील की दूरी तय करेगी और 17 दिन बाद चीन के झेजियांग शहर के यीवू शहर पहुंचेगी। इसमें 30 डिब्‍बे हैं जिनमें व्हिस्‍की, सॉफ्ट ड्रिंक, विटामिन और दवाइयां हैं।

इन सात देशों से गुजरेगी गुड्स ट्रेन

यह मालगाड़ी फ्रांस, बेल्जियम, जर्मनी, पोलैंड, बेलारुस, रूस और कजाकिस्तान से होकर गुजरेगी।

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यह सेवा चीन के प्राचीन सिल्‍क रूट को फिर से पुनर्जीवित करने का प्रयास है। इसकी शुरुआत के रूप में तीन महीने पहले चीन से ब्रिटेन मालगाड़ी गई थी। चीन से गई मालगाड़ी में घरेलू जरुरतों के सामान, कपड़े, सूटकेस और बैग्‍स थे।

ये ट्रेन जिन 7 देशों से होकर गुजरेगी वो हैं

फ्रांस

बेल्जियम

जर्मनी

पोलैंड

बेलारूस

रूस

कजाकिस्तान

2000 साल पहले सिल्क रूट से होता था पश्चिम और यूरोप के बीच कारोबार

अभी दोनों देशों के बीच अगर समुद्री रास्‍ते से सामान भेजा जाता है तो उसे मालगाड़ी की तुलना में दोगुना समय लगता है। लंदन यूरोप का 15वां शहर है जिससे चीन का रेलमार्ग से संपर्क हुआ है। बता दें कि 2000 साल पहले सिल्‍क रूट के जरिए पश्चिम और पूर्व के बीच कारोबार होता था। यूरोप और चीन के बीच साल 2016 में 40 हजार कंटेनर सामान का आयात और निर्यात हुआ था। 2020 तक इसे एक लाख कंटेनर करने का लक्ष्‍य रखा गया है।

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यूरोप के कई देशों को चीन रेलमार्ग से साल 2011 से ही सामान भेज रहा है। लेकिन इंग्‍लिश चैनल को उसने इसी साल पार करना शुरू किया है।

प्लेन-शिप के बजाय सस्ता है ट्रेन से सामान भेजना

कार्गो ऑपरेटर्स का कहना है कि ट्रेन के जरिए चीन सामान भेजना प्लेन-शिप की बजाय सस्ता पड़ेगा। ये सर्विस चीन के 'वन बेल्ट, वन रूट' प्रोग्राम के तहत शुरू की गई है। इससे व्यापार के लिए बने 2 हजार पुराने सिल्क रूट को फिर से जिंदा किया जा सकेगा।

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डीपी वर्ल्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव सुल्तान अहमद बिन सुलेयाम ने इसे एक अहम मौका बताया। उन्होंने कहा, "डीपी वर्ल्ड लंदन गेटवे ब्रिटेन के सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब में से एक है।

चीन के साथ ब्रिटेन के व्यापारिक रिश्ते सुधर रहे हैं

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने चीन से निवेश के लिए कदम उठाए थे। इसके तहत चीन से कारोबार के लिए लंदन को मुख्‍य अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्‍ताव है। वर्तमान पीएम थेरेसा मे ने भी कहा कि चीन के साथ उनके देश के रिश्‍ते सुनहरे रहेंगे।

इससे ब्रिटेन में चीन के निवेश के रूप में लाखों डॉलर आएंगे। यूरोपियन यूनियन से बाहर होने के फैसले के बाद ब्रिटेन को अपनी अर्थव्‍यवस्‍था के लिए इस तरह के निवेश की जरुरत भी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन की यह रेललाइन दुनिया की सबसे बड़ी लाइन है, जो सात देशों की अर्थव्यवस्था को आपस में जोड़ने का काम करेगी। इस पूरी परियोजना को कॉम्‍प्‍लेक्‍स फ्रोड और लॉजिस्टिक सर्विस मुहैया कराने वाली बर्नेल प्रोजेक्‍ट कार्गो का कहना है कि हवाई रूट से सामान लाने के मुकाबले रेल रूट से सामान लाना करीब 50 फीसदी सस्‍ता पड़ेगा।

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