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अपने पहले भाषण में बोले राष्ट्रपति कोविंद- हम अलग हैं मगर एक हैं और एकजुट रहेंगे

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 25 , 2017 , 13:59 IST | नई दिल्ली

शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे भारत के राष्ट्रपति का दायित्व सौंपने के लिए सभी का आभार व्यक्त करता हूं। मैं पूरी विनम्रता के साथ इस पद को ग्रहण करता हूं। सेंट्रल हॉल में आकर पुरानी यादें ताजा हुई, सांसद के तौर पर यहां पर कई मुद्दों पर चर्चा की है। मैं मिट्टी के घर में पला-बढ़ा हूं, मेरी ये यात्रा काफी लंबी रही है। 

पढ़िए नए राष्ट्रपति की बड़ी बातें..

पूरी विनम्रता के साथ इस पद को ग्रहण कर रहा हूं

मैं संसद का सदस्य रहा हूं और इसी सेंट्रल हॉल में आप सब से कई बार विमर्श किया है

एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करना सीखा यही लोकतंत्र का खूबसूरती है

हर चुनौती के बावजूद के बावजूद देश में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल मंत्र का पालन किया जाता है

मैं मिट्टी के घर में पला हूं

राजेंद्र प्रसाद, डॉ. कलाम, प्रणब मुखर्जी जैसी विभूतियों के पथ पर चलने जा रहा हूं

संविधान के प्रमुख शिल्पी बाबा साहेब ने हम सभी में संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को सींचा है

राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ वैयक्तिक समानता पर भी उन्होंने बल दिया

हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो आर्थिक विकास के साथ समानता के मूल्यों को आगे बढ़ाए

विविधता ही हमें अद्वितीय बनाती है

भाषा, जीवनशैली, धर्म सब में अलग हैं तो भी हम एक हैं यही हमारी ताकत हैं

हम सब अलग हैं मगर फिर भी एक हैं और एकजुट रहेंगे

डिजिटल राष्ट्र हमें प्रगति की ऊचाईंयों पर पहुंचने में मदद करेगा

सरकार विकास करने में सहायक की भूमिका निभाती है

राष्ट्र निर्माण का आधार है राष्ट्रीय गौरव

हमें गर्व है भारत की विविधता, समावेशी स्वभाव पर, अपने कर्त्यव्यों के निर्वहन पर

देश का हर नागरिक राष्ट्रनिर्माता है

देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र बल राष्ट्र निर्माता है

नए खोज करने वाला वैज्ञानिक राष्ट्र निर्माता है

तपती धूप में देश के लिए अन्न उगाता है वह किसान, महिलाएं राष्ट्र निर्माता हैं

ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक के प्रतिनिधि नागरिकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए काम करते हैं


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