राजनीति

टिकट बांटने को लेकर कर्नाटक कांग्रेस में बवाल, पार्टी कार्यालय मेें हंगामा और तोड़फोड़

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 16 , 2018 , 15:32 IST

कर्नाटक विधानसभा चुनावों को लेकर सारी पार्टीयां मतदाताओं को खुश करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहीं हैं। वहीं दूसरी ओर कर्नाटक में कांग्रेस ने जैसे ही विधानसभा चुनावों के लिए 218 कैंडिडेट् की लिस्ट जारी की वैसे ही पार्टी में हंगामा शुरू हो गया।

कई नेताओं ने तो पार्टी से इस्तीफा देने की भी धमकी दी है। नेताओं ने सीएम सिद्धारमैया पर मनमानी का आरोप लगाया है। प्रदेश भर में कई जगहों पर अंसुष्टों व उनके कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन चल रहा है। हंगामे की भेंट कांग्रेस पार्टी का कार्यालय चढ़ गया जहां कार्यकर्ताओं ने जमकर तोड़फोड़ की।

नाराजगी व्यक्त करते हुए सड़क पर जो लोग उतर आए हैं वह उत्तर कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के समर्थक थे, उन्हें उम्मीद थी कि सीएम उनके लिए बदामी निर्वाचन क्षेत्र से लेकर मैसूर जिले के चामुंडेश्वरी तक सीटें दिलाएंगे।

कुनिगल, कोलार, कोल्लेगल, बेलूर, बदामी, कित्तूर, नेलमंगला और अन्य कई विधानसभाओं में असंतषो के स्वर मुखर हुए हैं। उनकी आशा अफवाह पर नहीं बल्कि कठिन तथ्यों पर आधारित थी। उनके कार्यालय ने उस तारीख की घोषणा भी की थी जब वह दो सीटों से नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए निर्धारित था।

इससे पहले शनिवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी रमेश ने सीवी रमन नगर से जेडीएस के टिकच पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। 2013 में इस सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद भी पी रमेश को हार मिली थी। रमेश ने कर्नाटक सीएम पर हमला करते हुए कहा था कि यह इंदिरा की कांग्रेस नहीं है बल्कि सिद्धारमैया की तुगलक कांग्रेस है। ऐसा कहा जा रहा है कि सिद्धारमैया ने उनसे जगह मेयर आर संपत राज की दावेदारी के लिए अपना दावा छोड़ने को कहा था।

कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेताओं के बीच उभरे ये मतभेद दरअसल मल्लिकार्जुन खड़गे और डीके शिवकुमार जैसे नेताओं के बीच की रंजिश की ही अभिव्यक्ति है। सूत्रों का कहना है कि ये दोनों नेताओं के बीच की गुटबाजी असर दिखा रही है। हालांकि इन सबके बीच नाराज नेताओं के निशाने पर फिलहाल सिद्धारमैया ही हैं। टिकट पाने से वंचित कुछ नेताओं ने उन्हें तानाशाह तक बता डाला है।

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डैमेज कंट्रोल में जुटी कांग्रेस-:

देश की राजनीति में लगातार सिमटती जा रही कांग्रेस के सामने कर्नाटक के किला को बचाने की चुनौती है। राहुल गांधी मेगा रैली कर रहे हैं और कांग्रेस ने सिद्धारमैया को पूरी ताकत दे रखी है। ऐसे में सिद्धारमैया पर डिक्टेटरशिप के आरोप कांग्रेस के लिए झटके से कम नहीं हैं। पार्टी तुरंत डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं की 4 टीम बनाई है। इन्हें नाराज नेताओं को मनाने की जिम्मेदारी मिली है।


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