नेशनल

सलमान की आज की रात भी जेल में गुजरेगी, जमानत पर शनिवार को होगा फैसला

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
608
| अप्रैल 6 , 2018 , 17:06 IST

जिला और सत्र न्यायालय के न्यायाधीश रविंद्र कुमार जोशी ने शुक्रवार को वर्ष 1998 के काला हिरण शिकार शिकार मामले में दोषी ठहराए गए बॉलीवुड स्टार सलमान खान की जमानत याचिका पर सुनवाई शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी है। 

सलमान के वकील महेश बोरा ने मीडिया से कहा कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना।
बोरा ने कहा, "सुनवाई को शनिवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।" अब सलमान को जोधपुर सेंट्रल जेल के बैरक नंबर एक में एक और रात (शुक्रवार की रात) बितानी होगी जहां वह गुरुवार को अदालत के फैसले के बाद रहे थे। 

जानें, सलमान पर कोर्ट ने क्यों नहीं बरती नरमी

इस मामले में अन्य 5 लोगों को बरी किए जाने के मतलब है कि जोधपुर के बाहर रिमोट एरिया में आधी रात को सलमान खान अकेले शिकार के लिए निकले थे। जोधपुर के सीजेएम की ओर से सुनाए गए 201 पेज के फैसले में गवाहों के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि अन्य आरोपी उसी वाहन में मौजूद थे, जिसमें सलमान खान थे। यह साबित नहीं होता कि उन लोगों ने सलमान से फायर करने को कहा था।

हाई कोर्ट की ओर रूख करेगा सलमान का वकील

इसके अलावा जोधपुर सेशन कोर्ट में सलमान के वकीलों की ओर से यह तर्क भी दिया जा सकता है कि सलमान को जिन मामलों में निचली अदालतों में दोषी करार दिया गया था, उनमें उच्च न्यायायलों से बरी किया गया है। ऐसे में किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं कहा जा सकता। हालांकि इस बात की पूरी संभावना है कि जो भी पक्ष बेल के मामले में हारता है, वह हाई कोर्ट का रुख जरूर करेगा।

बेल न मिली तो यह होगा सलमान का अगला कदम

यदि सेशन कोर्ट से सलमान खान को बेल नहीं मिलती है तो उन्हें हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। कानूनी जानकार और सुप्रीम कोर्ट के वकील डीबी गोस्वामी बताते हैं, 'मैजिस्ट्रेट की अदालत में 7 साल तक की सजा के मामले में सुनवाई होती है। इस मामले में भी इसी कारण मैजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई हुई है और फैसला सुनाया गया है। अगर सजा तीन साल तक होती, तो इसी कोर्ट में सजा सस्पेंड करने की अर्जी दाखिल की जा सकती थी। लेकिन सजा जैसे ही 3 साल से ज्यादा हो तो मैजिस्ट्रेट अदालत सजा सस्पेंड नहीं कर सकती। फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। सजा के खिलाफ अपील दायर करने के लिए 60 दिनों की मियाद तय की गई है।’


कमेंट करें