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दिवाली गिफ्ट: 10 प्वाइंटस में जानें- GST में बदलाव से क्या-क्या हुआ सस्ता

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 7 , 2017 , 08:28 IST | नई दिल्ली

वित्तमंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाली काउंसिल ने जीएसटी में कई अहम बदलाव किए हैं। पढ़िए क्या-क्या हुए हैं बदलाव। 

1. ज्वैलरी कारोबार को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के दायरे से बाहर कर दिया गया है। जीएसटी में बदलाव के बाद अब 2 लाख रुपये तक की ज्वैलरी की खरीदारी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा। पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर PAN देना अनिवार्य था

2. अब हर 3 महीने में रिटर्न फाइल करने की व्यवस्था पर सहमति बन गई है। 1.5 करोड़ रुपये टर्नओवर पर हर 3 महीने में रिटर्न भरनी होगी। कंपोजिशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है

3. निर्यातकों को 6 महीने के लिए राहत, 6 महीने बाद हर एक निर्यातक को ई-वॉलेट मिलेगा। ई-वॉलेट सिस्टम 1 अप्रैल 2018 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस व्यवस्था को एक कंपनी विकसित करेगी

4. एक करोड़ से ज्यादा टर्नओवर और एसी चार्ज वाले रेस्टोरेंट जो 18 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आते हैं, रेस्त्रां के टैक्स सिस्टम में बदलाव किया गया है। अब मालिकों को 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा

5. निर्यातकों को 10 अक्टूबर से टैक्स रिफंड किया जाएगा। निर्यात पर 0.1 प्रतिशत का जीएसटी लागू है

6. आम, खाखरा और आयुर्वेदिक दवाओं पर जीएसटी की दर 12 से 5 फीसदी की गई है। स्टेशनरी के कई सामान पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत कर दी गई है। हाथ से बने धागों पर जीएसटी 18 से 12 प्रतिशत कर दी गई है

7. प्लेन चपाती पर जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत कर दी गई है। आईसीडीएस किड्स फूड पैकेट पर जीएसटी 18 से 5 प्रतिशत की गई है

8. अनब्रैंडेड नमकीन पर 5 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू होगी। यही दर अनब्रैंडेड आयुर्वेदिक दवाओं पर भी लागू होगी

9. डीजल इंजन के पार्ट्स पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगी। साथ ही दरी (कारपेट) पर जीएसटी की दर को 12 से 5 प्रतिशत कर दिया गया है

10. सबसे बड़ी राहत ये है कि अब एक ही फॉर्म से जीएसटी फाइल की जा सकेगी। साथ ही रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को मार्च 2018 तक स्थगित कर दिया गया है

 


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