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GST में इन 153 वस्‍तुओं के परिवहन के लिए अब नहीं लेना पड़ेगा इलेक्‍ट्रॉनिक परमिट

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 1 , 1970 , 05:30 IST | नई दिल्ली

एलपीजी, केरोसिन, आभूषण और मुद्रा को माल एवं सेवाकर जीएसटी व्यवस्था के तहत परिवहन में इलेक्ट्रॉनिक परमिट लेने से छूट होगी। हालांकि लागू जीएसटी व्यवस्था के तहत 50 हजार रुपये से ज्यादा मूल्य की वस्तुओं के परिवहन के लिए ई-वे बिल अनिवार्य है। यह नियम कर चोरी रोकने के लिए लागू किया जा रहा है।

वित्त मंत्रलय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले पांच अगस्त को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में आम इस्तेमाल की 153 वस्तुओं को ई-वे बिल से छूट दी गई है। इन वस्तुओं के लिए बिल लेना अनिवार्य नहीं होगा। इन वस्तुओं में फल व सब्जियां, ताजा दूध, शहद, बीज, अनाज व आटा, जीवित पशु, सुअर और मछली शामिल हैं। इस सूची में पान, गैर अल्कोहल वाली ताड़ी, कच्चा रेशम, खादी, मिट्टी के बर्तन, मिट्टी के लैंप, पूजा सामग्री और श्रवण उपकरण, मानव बाल, फ्रोजन व सामान्य सीमेन, कंडोम और गर्भ निरोधक वस्तुएं भी शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया कि घरेलू इस्तेमाल के लिए रसोई गैस और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बिक्री के लिए केरोसिन को भी ई-वे बिल से छूट मिलेगी। डाक के बैग, करेंसी, ज्वैलरी और प्रयुक्त व्यक्तिगत और घरेलू वस्तुओं के परिवहन के लिए ई-वे बिल नहीं लेना होगा। नियम के मुताबिक अगर कोई वस्तु गैर मोटर वाहन से ले जाई जा रही है तो भी बिल नहीं लेना होगा। अंतरराष्ट्रीय पोर्ट से अंदरूनी पोर्ट पर कस्टम्स द्वारा क्लियरेंस के लिए ले जाये जाने वाले कंसाइनमेंट के लिए ई-वे बिल अनिवार्य नहीं होगा। अगर परिवहन वाले माल का मूल्य 50 हजार रुपये या इससे कम है तो इसके लिए ऑनलाइन ई-वे बिल लेना वैकल्पिक होगा।
ऑनलाइन ई-वे बिल के लिए जीएसटी का सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद केंद्र सरकार इस व्यवस्था को लागू करेगी। संभवत: ई-वे बिल की व्यवस्था अक्टूबर से लागू हो सकती है।


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