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क्या 1 जुलाई से देश GST के लिए तैयार है? जानिये जीएसटी का A B C...

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 28 , 2017 , 14:16 IST | नयी दिल्ली

1 जुलाई से देश में जीएसटी यानि गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने जा रहा है। आखिर ये जीएसटी है क्या? इससे क्या होगा? जीएसटी के लागू होने से हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा। आम भारतवासी को जीएसटी से सबसे बड़ा फायदा होगा। पूरे देश में सामान पर देश के लोगों को एक ही टैक्स चुकाना होगा। यानी पूरे देश में किसी भी सामान की कीमत एक ही रहेगी।

वर्तमान में वस्तुओं पर भिन्न प्रकार के टैक्स लगते हैं। आप किसी भी राज्य में रहते हों, आपको हर सामान एक ही कीमत पर मिलेगा। जैसे अगर दिल्ली में किसी गाड़ी को खरीदा जाता है तो दूसरे राज्यों की अपेक्षा उसकी कीमत भिन्न होती है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए 20 से अधिक अप्रत्यक्ष टैक्स को एक टैक्स में तब्दील कर देगा। जीएसटी 1 जुलाई से पूरे देश में लागू किया जाना है।

GST-Registration

GST की विशेष बातें:

1.जीएसटी लागू होने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट, सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे।

2.जीएसटी लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर केवल तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे। पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी, जो केंद्र सरकार वसूलेगी। दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी, जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी। तीसरा होगा वह जो कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा। इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जाएगा। 

3.जीएसटी लागू होने से हर प्रकार की खरीद फरोख्त इस कर व्यवस्था के तहत आ जाएगी, जिससे लोगों के लिए करों की चोरी कर पाना आसान नहीं होगा. कहा जा रहा है कि जीएसटी काले धन से निपटने के लिएएकमजबूत हथियार साबित होगा।

4.13वें केंद्रीय वित्त आयोग के अनुसार जीएसटी से कर संकलन में हो रहे कई तरह के व्यर्थ के खर्चों को रोकने में भी इससे सहायता मिलेगी और इससे राज्यों की आर्थिक हालत में सुधार होगा।

5.विश्व के लगभग 160 देशों में जीएसटी की कराधान व्यवस्था लागू है। भारत में इसका विचार अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा साल 2000 में लाया गया था। 

किस सामान पर कितना GST?

इन सामानों पर नहीं लगेगा टैक्स

बटर मिल्क, दही, शहद, फल और सब्जियां, फ्रेश मीट, फिश चिकन, अंडा, दूध, आटा, बेसन, ब्रेड, प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर, स्टाम्प, न्यायिक दस्तावेज, प्रिंटेड बुक्स, अखबार, चूड़िया और हैंडलूम जैसे रोजमर्रा के सामान जीएसटी से बाहर रखे गए हैं। 

5 प्रतिशत टैक्स में क्या-क्या

ब्रांडेड पनीर, फ्रोजन सब्जियां, कॉफी, चाय, फिश फिलेट, क्रीम, स्किम्ड मिल्ड पाउडर, मसाले, पिज्जा ब्रेड, रस, साबूदाना, केरोसिन, कोयला, दवाएं, स्टेंट और लाइफबोट्स जैसी चीजों पर सिर्फ 5 प्रतिशत का टैक्स लगेगा। 

12 प्रतिशत टैक्स में क्या-क्या

सॉस, फ्रूट जूस, भुजिया, नमकीन, आयुर्वेदिक दवाएं, फ्रोजन मीट प्रॉडक्ट्स, बटर, पैकेज्ड ड्राई फ्रूट्स, ऐनिमल फैट, टूथ पाउडर, अगरबत्ती, कलर बुक्स, पिक्चर बुक्स, छाता, सिलाई मशीन और सेल फोन जैसी जरूरीआइटम्स को 12 पर्सेंट के स्लैब में रखा गया है। 

18 प्रतिशत टैक्स इन चीजों पर

जैम, सॉस, सूप, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड मिक्सेज, मिनरल वाटर, फ्लेवर्ड रिफाइंड शुगर, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, पेस्ट्रीज और केक, प्रिजर्व्ड वेजिटेबल्स, टिशू, लिफाफे, नोट बुक्स, स्टील प्रॉडक्ट्स, प्रिंटेड सर्किट्स, कैमरा, स्पीकर और मॉनिटर्स पर 18 फीसदी टैक्स लगाए जाने का निर्णय किया गया है। 

28 फीसदी टैक्स इन वस्तुओं पर

पेंट, डीओडरेंट, शेविंग क्रीम, हेयर शैम्पू, डाइ, सनस्क्रीन, वॉलपेपर, सेरेमिक टाइल्स, च्युइंगम, गुड़, कोकोआ रहित चॉकलेट, पान मसाला, वातित जल, वाटर हीटर, डिशवॉशर, सिलाई मशीन, वॉशिंग मशीन, एटीएम, वेंडिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, शेवर्स, हेयर क्लिपर्स, ऑटोमोबाइल्स, मोटरसाइकिल, निजी इस्तेमाल के लिए एयरक्राफ्ट और नौकाविहार को लग्जरी मानते हुए सबसे अधिक टैक्स लेने का फैसला किया गया है। 

किन चीजों पर लगेगा कितना टैक्स

जीएसटी के तहत सिर्फ 19 फीसदी सामानों पर 28 फीसदी का टैक्स लगेगा। जबकि 14 फीसदी सामान पर 5 फीसदी का टैक्स और 17 फीसदी सामान पर 12 फीसदी टैक्स लिया जाएगा।


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