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99 % नंबर लाकर वर्शिल ने 12वीं में किया टॉप, लेकिन क्या हुआ कि वो बन गया संन्यासी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 9 , 2017 , 19:04 IST | गुजरात

पढ़ते-पढ़ते ज़िन्दगी के गणित को हम कब समझाए इस की कोई उम्र नहीं होती गुजरात बोर्ड में 99 प्रतिशत अंक लाकर 12वीं में टॉप करने वाला 17 साल का नौजवान वर्शिल शाह अब आधिकारिक तौर पर जैन संन्यासी बन गया है।

गुरुवार को गुजरात के सूरत शहर में तापी नदी के किनारे भव्य दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया जिसमें कई जैन आचार्य, वर्शिल का परिवार और जैन समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए।

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अहमदाबाद के रहने वाले 17 साल के वर्शिल शाह का जब रिजल्ट आया तो उनके घर में भी खुशी थी। वर्शिल फर्स्ट डिवीजन में ही पास नहीं हुआ है बल्कि उसने 99.9 फीसद अंक लाकर इतिहास रच दिया। उसने गुजरात बोर्ड की परीक्षा में टॉप किया है। परिवार में खुशी तो हुई लेकिन किसी तरह का कोई धूम-धड़ाका या कार्यक्रम नहीं किया गया। वर्शिल का परिवार जैन धर्म का अनुनायी है और सब लोग भौतिक जीवने से दूरी बनाकर रखते हैं। वर्शिल के माता-पिता दोनों ही खुश हैं अपने बेटे के जैन भिक्षु बनने से।

इस दीक्षा समारोह में पहले तो वर्शिल को एक राजकुमार की तरह तैयार किया गया और दीक्षा लेने की प्रक्रिया शुरू हुई। बाद में पूजा के दौरान वर्शील ने अपने आभूषण और राजशाही वस्त्र अपनी मां को सौंप कर सफेद वस्त्र धारण कर लिया। मोह-माया का त्याग कर दीक्षा हासिल करने के बाद वर्शिल का नाम भी बदल गया है और अब वह सुविर्यरत्न विजयजी महाराज बन गया है ।

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वर्शिल कहते हैं कि,

मेरा मन हमेशा से चाहता था कि मैं बिना किसी को नुकसान पहुंचाए खुशियां प्राप्त करूं। बोर्ड एग्जाम में टॉप करने के बाद भी मुझे वह खुशी नहीं मिली क्योंकि मैं जानता हूं कि सांसारिक चीजें मुझे वह अनंत और शाश्वत खुशी नहीं दे सकती। मैंने जैन दीक्षा को इसलिए चुना क्योंकि यहां मुझे बिना किसी को तकलीफ पहुंचाए अनंत खुशी का अनुभव होगा।

जिस उम्र में नौजवान दोस्त बनाना, घूमना फिरना पसन्द करते हैं उस उम्र में संन्यासी बनना ,जीवन के असल मक़सद और भौतिक सुख सुविधाओं के खोखलेपन को समझाती हैं ,शायद .....

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