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कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है, तो AMU में जिन्ना क्यों नहीं: हामिद अंसारी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 13 , 2018 , 15:26 IST

भारत-पाकिस्तान बंटवारे के जिम्मेदारों में से एक मोहम्मद जिन्ना की तस्वीर को लेकर एक बार फिर नये सिरे से विवाद शुरू हो गया है। देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगाने में कुछ भी गलत नहीं है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हामिद अंसारी ने कहा कि यदि कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं हो सकती है? 

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उन्होने कहा कि तस्वीरों और इमारतों पर हमला करना हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। एक अंग्रेजी अखबार को दिये इंटरव्यूह में हामिद अंसारी ने कहा कि भारत के मुसलमानों में असहजता का माहौल है। उन्होने कहा कि "भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों में असहजता का माहौल है, और इसका समाधान किये जाने की जरूरत है, कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं जिस देश और विदेशों से भी प्रतिक्रियाएं आईं हैं, आप इसे नकार नहीं सकते।"

उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों का सम्मान करना यहां के छात्रसंघ की पुरानी परंपरा है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सम्मानित होने वाले महात्मा गांधी पहले व्यक्ति थे, जिनकी तस्वीर भी यहां लगाई गई है। जो कोई भी यहां सम्मानित होता है, उसकी तस्वीर लगाई जाती है। मोरारजी देसाई, मदर टेरेसा, खान अब्दुल गफ्फार खान समेत कई हस्तियों को यहां सम्मानित किया गया है, और उनकी तस्वीर भी यहां की गैलरी में लगाई गई है।

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"तस्वीरों और इमारतों पर हमला करना हमारी संस्कृति नहीं"

उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना भी उन्ही हस्तियों में से एक थे, जिन्हें यहां सम्मानित किया गया था, इसीलिए उनकी तस्वीर भी यहां लगाई गई है। इसमें गलत क्या है? अगर विक्टोरिया मेमोरियल इस देश में हो सकता है तो जिन्ना की तस्वीर होने में गलत क्या है ?

हामिद अंसारी ने कहा कि देश में ऐसी कई इमारतें हैं जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने शैक्षणिक प्रतिष्ठान के दृष्टिकोण से बनवाया था, तो क्या इन इमारतों को तोड़ देना चाहिए। हम ऐसा नहीं कर सकते। इमारतों और तस्वीरों पर हमला करना हमारी परंपरा में नहीं है।

कैसे शुरू हुआ था जिन्ना की तस्वीर को लेकर बवाल

बता दें कि इसी साल अप्रैल महीने में अलीगढ़ के भाजपा सांसद संतोष गौतम ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगी जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जिन्ना की तस्वीर लगाने का क्या औचित्य है, जबकि जिन्ना भारत-पाकिस्तान विभाजन के मुख्य सूत्रधार थे। उन्होंने सवाल किया था कि एएमयू से जिन्ना की तस्वीर को क्यों नहीं हटाया जाना चाहिए ? बीजेपी सांसद की इसी मांग को लेकर सियासी बवाल बढ़ गया था। उस समय भी पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यहीं कहा था कि विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर आजादी के पहले से लगी हुई है। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। ये गलत नहीं है।


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