राजनीति

हार्दिक पटेल का गुजरात उपमुख्यमंत्री को अॉफर, ज्वाइन करें कांग्रेस मिलेगा अच्छा पद

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 1 , 1970 , 05:30 IST | अहमदाबाद

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल के बीच तनाव की खबरों के बाद पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने नितिन पटेल को अपने साथ शामिल होने का आफर दिया है। हार्दिक पटेल ने कहा कि बीजेपी में नितिन पटेल का सम्मान नहीं हो पा रहा है, कांग्रेस नितिन पटेल का पुरा सम्मान करेगी अगर वो बीजेपी ज्वाइन कर नें तो।

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का कहना है कि वे नितिन पटेल के लिए कांग्रेस पार्टी से बात करेंगे ताकि उन्हें सही जगह मिल सके और उनके व्यक्तित्व पर कोई सवाल ना उठे। हार्दिक ने बताया, 'अगर नितिन भाई 10 विधायकों के संग बीजेपी छोड़ने को तैयार हो जाते हैं, तो हम कांग्रेस में उन्हें उपयुक्त पद देने की बात करेंगे।

हार्दिक ने ये बातें बोटाड में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति की बैठक से पहले कहीं। इस बैठक समिति की कार्यप्रणाली और भविष्य के कार्यों पर चर्चा की गई।

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गौरतलब है कि गुजरात में सरकार बने अभी एक हफ्ता भी नहीं गुजरा और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल के बीच तनाव पड़ने की खबरें भी आने लगी हैं। साथ ही वहां के विधायक भी अपनी नाराजगी जताने लगे हैं।

कहा तो जा रहा है कि दोनो के बीच मंत्रियो के विभाग का बंटवारा मुख्य कारण है। अब तक किसी ने भी इस मामले मे पहल नहीं की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जीतू ने दोनों के बीच समझौता कराने के लिये बैठक भी की। कहा जा रहा है कि नितिन पटेल विभागो के बंटवारे से खुश नहीं है।

लगातार छठी बार गुजरात में सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी की इस सरकार में शीर्ष दो नेताओं के बीच अनबन का सबसे अहम कारण विभागों के बंटवारे को लेकर माना जा रहा है.
रूपाणी की अगुवाई में सरकार के शपथ लेने के बाद से तनातनी की खबरें आ रही थीं। मुख्यमंत्री रूपाणी, उपमुख्यमंत्री पटेल और भाजपा अध्यक्ष जीतू वघानी विवाद को निपटाने के लिहाज से मुख्यमंत्री आवास पर मिले। इस कारण पहली कैबिनेट बैठक में नए नवेले मंत्रियों को करीब 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

उपमुख्यमंत्री पटेल विभागों के वितरण से खुश नहीं हैं। वह गृह और शहरी विकास मंत्रालय चाहते थे, जो उन्हें नहीं मिला। साथ ही उनको 2 अहम विभाग राजस्व और वित्त विभाग भी नहीं दिए गए।

विभागों के वितरण के मामले में माना जा रहा है कि सबसे ज्यादा घाटा पटेल को ही हुआ है। पटेल को सड़क एवं भवन, हेल्थ एवं फैमिली, नर्मदा, कल्पसार, चिकित्सा और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली है।

सूत्र बताते हैं कि सरकार में अनबन की एक और खबर है। वडोदरा से विधायक और पूर्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी ने भी विरोध का झंडा बुलंद कर रखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के सामने वडोदरा से एक भी विधायक को कैबिनेट में शामिल नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने 10 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ने की धमकी भी दी है।


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