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हार्वे तूफान के शिकंजे से बाहर निकले 200 भारतीय छात्र, अमेरिका में हालात बदतर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 29 , 2017 , 16:03 IST | अमेरिका

अमेरिका के मुख्य भू-भाग में पिछले 12 सालो में पहली बार सबसे ताकतवर तूफान आया। जिससे लाखो की जान-माल की क्षति के साथ लोग भी इस तूफान में फंसे हुए हैं। हार्वे तूफान के कारण मध्य टेक्सास के तट पर भूस्खलन हो गया।

यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन में 200 भारतीय छात्र कैंपस में बाढ़ के पानी में फंसे हुए थे जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। 

इस तूफान में 195 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जो राज्य के तेल शोधन उद्योग को निशाने पर ले रही हैं। इसमें लाखो लोगो की जाने भी फंसी हुई हैं।

हार्वे तूफान' की चपेट में फंसे 200 भारतीय छात्रों की जान बचा ली गई है। विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि भारतीय छात्र तूफान हार्वे में फंसे हुए हैं।

 

सुष्मा स्वराज ने बाद में जानकारी दी कि दो भारतीय छात्र- शालिनी और निखिल भाटिया गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराए गए हैं और वाणिज्य महादूत मदद उपलब्ध कराने के लिए उन तक पहुंच रहे हैं। छात्रों के बारे में अधिक ब्योरे की प्रतीक्षा है। विदेश मंत्री ने ट्वीट कर वहां की सरकार को सूचित भी किया।

भारतीय छात्रों के लिए वहां राहत कार्य भी जारी करवाया जा रहा है। वे गर्दन तक गहरे पानी में घिरे हुए थें। इस तूफान के कारण वहां एक लाख से ज्यादा घरों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है। नेशनल हरीकेन सेंटर ने कहा कि हार्वे के कारण टेक्सास स्थित पोर्ट अरांसास और पोर्ट ओ कोनोर के बीच भूस्खलन हुआ है। अमरीका के कच्चे तेल का लगभग 17 प्रतिशत उत्पादन इस क्षेत्र से आता है। टेक्सास में सबसे सघन आबादी वाले शहर ह्यूस्टन में देश का सबसे बड़ा शोधन कारखाना और पेट्रोकेमिकल परिसर है।

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सेंटर ने कहा कि श्रेणी चार के तूफान में हवाओं की अधिकतम गति 195 किलोमीटर प्रति घंटे की है। तुफान की स्थिति को देख कर ऐसा पूर्वानुमान लगाया जा रहा है कि वहां और भी भारी बारिश एवं तूफान बढ़ने की संभावनाएं है। अमरीका के मुख्य भूभाग में वर्ष 2005 के बाद आया यह सबसे ताकतवर तूफान है। इसका प्रभाव कई दिन तक रह सकता है। अगले सप्ताह कुछ इलाकों में 40 इंच तक की भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।


वेदर डिपार्टमेंट का कहना है कि दो दिन में टेक्सास शहर पर 11 ट्रिलियन गैलन (41 लाख करोड़ लीटर) पानी गिरा है। यह उतना ही है जितना कैलिफोर्निया में 2015 में आए सदी के सबसे बड़े सूखे को खत्म करने के लिए चाहिए था। उधर, ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी कैम्पस में फंसे 200 भारतीय छात्रों को बाहर निकाल लिया गया है। इससे पहले, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके इन छात्रों के फंसे होने की जानकारी पहले भी दी थी। उन्होंने यह भी बताया था कि दो भारतीय छात्र शालिनी और निखिल भाटिया को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है। इतने पानी से ग्रेट साल्ट लेक 2 बार भर जाएगी ।


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