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'घूंघट' वाले विज्ञापन पर खट्टर सरकार की हो रही किरकिरी, महिला सशक्तिकरण पर सवाल

अमितेष युवराज सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 28 , 2017 , 14:58 IST | चंडीगढ़

हरियाणा की मनोहरलाल खट्टर सरकार के एक विज्ञापन पर विवाद पैदा हो गया है। खट्टर सरकार ने ऐसा विज्ञापन दिया है जिसमें कहा गया है कि महिलाओं का 'घूंघट' में रहना हरियाणा की शान है। विपक्षी दलों ने सरकार के विज्ञापन पर सवाल उठाए हैं।

दरअसल, राज्य सरकार के पैसे से चलने वाली पत्रिका 'कृषि संवाद' में एक तस्वीर छपी है जिसमें महिला अपने सिर पर चारा लेकर जा रही है और कैप्शन में लिखा है, 'घूंघट की आन-बान, म्हारे हरियाणा की पहचान।' पत्रिका के कवर पेज पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की तस्वीर छपी है।

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पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा का कहना है कि, ‘यह विज्ञापन भाजपा सरकार की पिछड़ी सोच दिखाता है। वहीं सरकार ने कहा है कि इसकी जांच कराएंगे। सरकार का पक्ष रखते हुए   बीजेपी नेता जवाहर यादव ने कहा,'हरियाणा सरकार इसकी निंदा करती है। विज्ञापन कैसे पब्लिश हुआ इसकी जांच की जाएगी।'

आपको बता दें कि हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल है जहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या काफी कम है। 2011 की जनगणना बताती है कि राज्य में 1000 पुरुषों पर सिर्फ 879 महिलाएं हैं। यही वजह है कि यह विज्ञापन विवादों के घेरे में आ गया है।

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विपक्ष का कहना है कि वैसे ही राज्य में महिलाओं की दशा खराब है और ऊपर से सरकार घूंघट जैसी कुरीति को बढ़ावा दे रही है। आलोचकों का यह भी कहना है कि 2015 में सत्ता संभालने के बाद मनोहर लाल खट्टर सरकार ने महिलाओं की दशा सुधारने का जो वादा किया था यह विज्ञापन उसके उलट है।

हालांकि विवाद खड़ा होने के बाद हरियाणा सरकार बचाव की मुद्रा में है। राज्य के स्वास्थ मंत्री अनिल विज का कहना है,

घूंघट रखना जरूरी नहीं है और हम इसे प्रोत्साहन नहीं देते । हालांकि यह भी सच है कि कुछ जगहों पर यह रिवाज चलन में है और उस पर किसी को ऐतराज नहीं हो सकता। वे देखेंगे कि यह विज्ञापन किस संदर्भ में छपा है।


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