नेशनल

ISI की हिरासत से आजाद होकर भारत लौटे पाकिस्तान में लापता हुए 2 मौलवी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
233
| मार्च 20 , 2017 , 12:59 IST | नयी दिल्ली

पाकिस्तान में लापता हुए हजरत निजामुद्दीन दरगाह के दो मौलवी आसिफ निजामी और नजीम निजामी सुरक्षित वापस भारत लौट आए। पाकिस्तान में दो भारतीय मौलानाओं के गायब हो जाने की घटना के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के कूटनीतिक संबंधों में हलचल मची हुई थी।

गौरतलब है कि आसिफ निजामी 80 साल के हैं और वह हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के सज्जादानशीं हैं। वह अपनी बहन से मिलने आठ मार्च को अपने भतीजे नाजिम अली निजामी के साथ पाकिस्तान गए थे, जहां वे दोनों लापता बताए गए थे।

इससे पहले बताया जा रहा था कि दोनों मौलवी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की हिरासत में हैं। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी शुक्रवार को दोनों मौलवियों के अपहरण के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का हाथ होने का संकेत दिया था।

Sushma 1

रविवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी जानकारी देते हुए बताया था कि दिल्ली की दोनों मौलाना सुरक्षित हैं और सोमवार को दिल्ली लौट आएंगे। वे हाल में पाकिस्तान में लापता हो गए थे। पाकिस्तान ने शनिवार को भारत को अवगत कराया था कि दोनों मौलानाओं का पता चल गया है और वे कराची पहुंच गए हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सैयद आसिफ निजामी और उनके भतीजे नाजिम निजामी को 14 मार्च को लाहौर के अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कराची जा रही शाहीन एयरलाइंस की उड़ान से उतारा गया।

सूत्रों ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर कहा था कि खुफिया एजंसी के कर्मियों ने विमान से उतारने के बाद दोनों उलेमा को हिरासत में ले लिया और जांच के लिए उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले गए।

Mqm 1

उन्होंने कहा कि दोनों उलेमा को अल्ताफ हुसैन की पार्टी एमक्यूएम के साथ कथित संबंधों के लिए हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कुछ न पाए जाने पर उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। एमक्यूएम पाकिस्तान में 1980 के दशक में सबसे बड़ी जातीय पार्टी के रूप में उभरी थी।

सिंध प्रांत के दक्षिणी शहरी इलाकों खासकर कराची, हैदराबाद, मीरपुरखास और सुक्कुर में पार्टी का राजनीतिक वर्चस्व है जहां भारत-पाक बंटवारे के बाद पाकिस्तान जाने वाले उर्दू भाषी लोगों की एक बड़ी आबादी रहती है।

Sufi 2


कमेंट करें