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हेमकुंड साहिब के कपाट खुले, यहां अरदास स्वर्ग का अनुभव कराती है

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 25 , 2017 , 19:10 IST | हेमकुंड साहिब

चमोली जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित प्रसिद्व सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट गुरुवार को परंपरागत पूजा अर्चना के बाद श्रद्वालुओं के लिये खोल दिये गये। हल्के बादलों के बीच सोलह हजार फुट की उंचाई पर स्थित इस तीर्थस्थल में कपाट खुलने के बाद श्रद्वालुओं ने पवित्र गुरूद्वारा के दर्शन किये। हेमकुंड साहिब 15200 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। 

Hemkund-Dev

कपाट खुलने के मौके पर हेमकुंड साहिब में करीब पांच हजार श्रद्धालु मौजूद थे। हेमकुंड गुरूद्वारा प्रबंधक समिति के अनुसार सुबह साढ़े नौ बजे कपाट खुलने के बाद पहली अरदास पढ़ी गयी। उसके बाद सुखमनी साहिब का पाठ हुआ और फिर एक घंटे तक सबद कीर्तन चला । चारों ओर से हिम शिखरों से ढ़के होने और समुद्र तल से काफी उंचाई पर स्थित होने के कारण यहां अभी भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके बावजूद तीर्थयात्रियों ने गुरूद्वारे में दर्शन करने से पहले पवित्र हेमकुंड सरोवर में डुबकी लगायी।

गुरूद्वारा प्रबंधक समिति द्वारा सभी तीर्थयात्रियों के लिये प्रसाद की व्यवस्था की गयी थी। रिषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हेमकुंड साहिब के बारे में मान्यता है कि यहां सिखों के दसवें गुरू, गोविंद सिंह ने तपस्या की थी। यहां पहुंचने के लिये गोविंदघाट से अलकनंदा नदी को पार करके पुष्पावती नदी के किनारे-किनारे 15 किमी तक जाना पड़ता है।

वहां से हेमकुंड साहिब के लिये छह किमी की चढ़ाई है। हेमकुंड साहिब के रास्ते में अभी भी हिमखंड जमा है और उन्हें बीच में से काटकर आवाजाही के लिये रास्ता बनाया गया है । उच्च हिमालयी क्षेत्र स्थित बदरीनाथ, केदारनाथ सहित चारों धामों की तरह हेमकुंड साहिब क्षेत्र के भी सर्दियों में भारी बर्फबारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण उसके कपाट श्रद्वालुओं के लिये बंद कर दिये जाते हैं जो अगले साल गर्मियों में दोबारा खुलते हैं।

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