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जापान में ऐसे तैयार होते हैं सूमो पहलवान, देखिए इनसाइड स्टोरी (तस्वीरें)

तूबा महर, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 19 , 2017 , 17:16 IST | जापान

जापान की सबसे पुरानी युद्ध कलाओं में से एक 'सूमो कुश्ती' सूमो पहलवान करते हैं। शिंतो धर्म में इस खेल की शुरूआत कैसे हुई इसका विस्तार से उल्लेख मिलता है। जापान के नागोया में Tomozuna सुमो कैंप के अंदर से न्यूज़ एजेंसी रायटर्स को हैरत अंगेज तस्वीरें मिली हैं। यहां 11 विशाल पहलवानों को केवल लंगोटी पहनाई जाती है, लेकिन इनकी दिनचर्या से दुनिया अभी तक अनजान है।  

जापान में वसंत आते ही यासुकुनी मठ में चेरी तोड़ी जाती है और फिर सूमो फाइट की पारंपरिक शुरुआत होती है,यह रिवाज करीब 1,500 साल पुराना है।

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जापान के नागोया कैंप में सूमो पहलवान औसतन एक दिन में 8000 कैलोरी लेते हैं यानी खूब सारा खाना। पहलवानों के खाने में खूब सारी डीप फ्राइड मछलियां, सुऊर के पैर की चर्बी और चावल होता है। 

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रोजाना 3 घंटे होता है कड़ा अभ्यास

नागोया के कैंप में सूमो पहलवान रोज 3 घंटे दांव पेंच का कड़ा अभ्यास करते हैं, सुबह 10.30 बजे अभ्यास खत्म करने के बाद पहलवान कैंप में आए लोगों को ऑटोग्राफ देते हैं और फिर से खाना खाने के लिए चले जाते हैं। 

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दोपहर का खाना जूनियर पहलवान तैयार करते हैं। पहलवान खाने के तुरंत बाद कई घंटों के लिए ऑक्सीजन मास्क पहन कर झपकी लेते हैं।  

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सूमो की दुनिया में प्रवेश करना मानो खाना, जीवित रहना और जापानी साँस लेना है। लेकिन कठिन ट्रेनिंग ने कई जापानी युवाओं को सूमो पहलवानी से दूर कर दिया है। ज्यादातर मंगोलियाई-पहलवान इन दिनो सूमो पहलवानी कर रहे हैं जापानी युवाओं का इस पारंपरिक मल्ल युद्ध कला से मोहभंग होता जा रहा है। 

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कैसे शुरू होती है सूमो फाइट?

सूमो अखाड़े के भीतर पारंपरिक पोशाक में प्रार्थना करने के साथ सूमो टूर्नामेंट यानि होनजुमो का आगाज होता है। जापान के याशुकुनी मठ में होने वाले इस आयोजन को चीन और कोरिया पसंद नहीं करते हैं, क्योंकि वहां द्वितीय विश्वयुद्ध के जापानी बर्बरता का चेहरा बने योद्धाओं के स्मारक भी हैं।

सूमो पहलवानों के लिए रीति रिवाज काफी अहम होते हैं. फाइट से ठीक पहले सूमो पहलवान हवा में नमक उछालते हैं। वे मानते हैं कि ऐसा करने से अखाड़ा शुद्ध हो जाता है।

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सूमो फाइट जीतने के लिए वजन, फुर्ती और ताकत का जबरदस्त तालमेल जरूरी है. उनके मोटे शरीर के भीतर चट्टान जैसी ताकत और गजब की संतुलन शक्ति होती है। अब तक के सबसे वजनी सूमो पहलवान का वजन 326 किलोग्राम दर्ज किया गया है। सूमो फाइट अब भी जापान का नंबर वन खेल है इसके बाद फुटबॉल और बेसबॉल का नंबर आता है। 

-स्टोरी इनपुट-रायटर्स

देखिए सूमो पहलवानों की जिंदगी से जुड़ी और दिलचस्प तस्वीरें

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