राजनीति

केजरीवाल पर लगा 10,000 का जुर्माना,कोर्ट ने कहा- अपमानजनक टिप्पणी न करें

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 26 , 2017 , 18:29 IST | नई दिल्ली

दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को निर्देश दिया है कि वह अपने और आम आदमी पार्टी (आप) के पांच अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमे में जिरह के दौरान केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से 'अपमानजनक ' सवाल नहीं करेंगे। न्यायमूर्ति मनमोहन ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को गरिमापूर्ण तरीके से और कानून के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता जेटली से जिरह करनी चाहिए।

केजरी पर 10 हजार का दंड

अदालत ने कहा कि गरिमा बनाए रखनी होगी, क्योंकि जिरह की आड़ में किसी व्यक्ति से अपमानजनक और अभद्र भाषा में बात नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा दिल्ली हाई कोर्ट ने अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि के दूसरे मामले में जवाब दाखिल नहीं करने पर अरविंद केजरीवाल पर 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

आपको बता दें कि केजरीवाल की तरफ से हाईकोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने 17 मई की सुनवाई के दौरान अरुण जेटली के लिए 'धोखेबाज' शब्द का इस्तेमाल किया था। जिससे आहत जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ दूसरा मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

जॉइंट रजिस्ट्रार पंकज गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जुर्माने की रकम जमा करने का निर्देश देते हुए उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का वक्त और दे दिया।

हाई कोर्ट ने 23 मई को इस मसले पर केजरीवाल से जवाब मांगते हुए पूछा था कि उनके खिलाफ मानहानि के केस में कार्यवाही आगे क्यों न बढ़ाई जाए। हालांकि केजरीवाल के वकील ऋषिकेश कुमार ने अदालत से कहा था कि उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए और वक्त चाहिए, लेकिन जेटली ने वकील मानिक डोगरा ने इसका विरोध किया था।

बता दें कि जेटली ने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के पांच नेताओं के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया है। बुधवार को इस मामले में क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ हालांकि, हाईकोर्ट ने केजरीवाल के खिलाफ उनके पूर्व वकील जेठमलानी के बारे में कोई ऑर्डर जारी नहीं किया। बता दें कि केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने जेठमलानी को जेटली के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए नहीं कहा था।

क्या था मामला?

बता दें कि जेटली ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि वो मानहानि मामले में सबूत की जांच करे। जेटली ने जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है उनमें केजरीवाल के अलावा उनकी पार्टी के राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक बाजपेयी शामिल हैं।
इन लोगों ने जेटली पर आरोप लगाए थे कि डीडीसीए प्रेसिडेंट के तौर पर उन्होंने करप्शन किया। जेटली 2000 से 2013 के बीच डीडीसीए प्रेसिडेंट थे। जेटली ने 2015 में इन आरोपों से इनकार करते हुए इन्हें झूठा और अपमानजनक बताया था। जेटली ने इसके बाद आप नेताओं पर केस दर्ज कराया।


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