नेशनल

जेल में हनीप्रीत ने रखा करवाचौथ का व्रत, बताया दोनों जहां के सुहाग हैं पापा

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
278
| अक्टूबर 9 , 2017 , 13:32 IST | हरियाणा

साध्वियों से दुष्कर्म के दोष में 20 साल की कैद काट रहे गुरमीत के लिए उसकी गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तनेजा भले ही राम रहीम को अपना पिता कहती हो लेकिन करवा चौथ के दिन उसने राम रहीम के लिए व्रत रखा। हनीप्रीत ने एक गिलास पानी के साथ पूरा दिन गुजारा किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब पुलिसकर्मी हनीप्रीत के लिए खाना लेकर हवालात में गए तो उसने कहा कि लोग उनके लिए व्रत रखते हैं जो उनका सुहाग होता है लेकिन हम व्रत रखते हैं हमारे पापा के लिए जो हमारे ही नहीं दोनों जहां के सुहाग हैं।

हनीप्रीत ने शनिवार को एक महिला अधिकारी से करवाचौथ के व्रत के बारे में पूछा था। जिसके बाद हनीप्रीत ने रविवार को व्रत रखा। हनीप्रीत ने कहा कि मैंने करवाचौथ अपने पापा (राम रहीम) के लिए रखा है जो देश की भलाई के लिए काम करते हैं। हालांकि पुलिस ने हनीप्रीत को व्रत पर कोई विशेष सुविधा नहीं दी और उससे पूछताछ की गई।

सूत्रों के अनुसार हनीप्रीत ने अपने पिता की लंबी आयु के लिए व्रत रखा, हालांकि यह व्रत निर्जला नहीं था, हनीप्रीत ने पानी पीया। हनीप्रीत से पूछताछ करने वाली महिला पुलिस अधिकारी भी रविवार को सजधज कर पुलिस थाने पहुंची थी। करवाचौथ को लेकर महिला पुलिस अधिकारी एवं हनीप्रीत दोनों ही उत्सुक रहीं।

करवा चौथ के दिन रिमांड पर पूछताछ के हर सवाल पर हनीप्रीत को डेरा की तमाम बातें याद आ रही थी। इस दौरान एक-दो बार वह भावुक भी हो गई, जिसे समझाया गया। लेकिन काफी कहने के बाद उसने लिक्विड डाइट लिया। रात में चांद निकलने के बाद उसने व्रत खोला।

दो दिन पहले उसने राम रहीम से मिलने की इच्छा जताई थी। उसने कहा, "पापाजी की कमर में दर्द रहता है। वह इस दर्द से परेशान होंगे इसलिए मेरा वहां होना जरूरी है। एक डॉक्टर ने हनीप्रीत से पूछा भी कि क्या तुम डॉक्टर हो या फिर कोई डिग्री ली हुई है जो बाबा के दर्द होने पर वहां जाने की बात कह रही हो।"

हर साल करवाचौथ वाला दिन डेरे में खास होता था। इस दिन रात के समय राम रहीम को पूजने वाली महिलाएं छलनी या चुनरी लेकर मजलिस में बैठ जाती थी और चांद की जगह आरोपी बाबा को देखकर अपना व्रत खोलती थी। हालांकि सिर्फ महिलाएं ही नहीं पुरुष भी राम रहीम के लिए व्रत रखते थे। कुंवारी लड़कियां भी इस कतार में शामिल थीं। राम रहीम इस दिन सामने बैठ जाता और लोग उसकी आरती उतारते, भजन गाते हुए अपना व्रत खोलते थे।


कमेंट करें