नेशनल

पंचकूला हिंसा: राम रहीम की चहेती हनीप्रीत को नहीं मिली ज़मानत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
452
| जून 7 , 2018 , 19:14 IST

पंचकूला में हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में सजा काट रही हनीप्रीत को पंचकूला कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुए हिंसा की आग कुछ इस तरह फैली है जिसमें आज भी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की 'लाडली' हनीप्रीत जल रही है। हनीप्रीत पर पंचकूला में हुई हिंसा और देशद्रोह के आरोप हैं जिसेक बाद बुधवार के दिन ही अदालत में हनीप्रीत की जमानत याचिका पर सुनावई हुई थी, जिस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को पंचकूला कोर्ट के एडिशनल सेशन जज नीरजा कुलवंत कल्सन ने हनीप्रीत की जमानत याचिका खारिज कर दी।

हनीप्रीत ने अपनी जमानत याचिका में कहा था कि मैं एक मिहला हूं और 245 दिन से जेल में कैद हूं, हिंसा में मेरी कोई भूमिका नहीं है इसलिए जमानत दिए जाने पर गौर होना चाहिए। हनीप्रीत के वकील ने जो याचिका पेश की थी उसमें हनीप्रीत की तरफ से ये भी कहा गया था कि जब FIR-345 के अनेय आरोपियों को जमानत मिल चुकी है तो 245 दिन जेल में रहने के बाद वो भी जमानत की हकदार है।

पिछले साल 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा के बाद हनीप्रीत काफी समय तक फरार थी, जिसके बाद 3 अक्टूबर 2017 को पंजाब के जीरकपुर के पास से बाबा की लाडली को गिरफ्तार किया गया था। तब से लेकर आज तक हनीप्रीत अंबाला सेंट्रेल जेल में बंद है। हनीप्रीत पर राष्ट्र के खिलाफ जंग छेड़ने की धारा 121 यानी देशद्रोह और 121ए, 121बी के तहत आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की साजिश रचने का केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में हनीप्रीत के अलावा आदित्य इंसा, पवन इंसा, सुरेंद्र धीमान, दिलावर इंसा, दान सिंह, चमकौर सिंह और गोविंद राम का नाम भी शामिल है।हरियाणा पुलिस का दवा है कि डेरा सच्चा सौदा के हेडक्वॉर्टर में एक सीक्रेट मीटिंग में पंचकूला हिंसा की साजिश रची गई थी। मामले की जांच करने के बाद चार्जशीट में कुल 67 लोगों को गवाह बनाया गया है, जिनमें से ज्यादातर पुलिस के लोग हैं।


कमेंट करें