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सेना की जीप से बांधे गए शख्स को 10 लाख मुआवजा दे सरकार: मानवाधिकार आयोग

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 10 , 2017 , 17:08 IST | श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर राज्य मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार से कहा है कि वो ह्यूमन शील्ड फारुक अहमद डार को 10 लाख रुपए मुआवजा दे जिसे इंडियन आर्मी ने पत्थरबाजी के जुर्म में जीप के आगे बांधा था। मानवाधिकार आयोग की तरफ से सोमवार दोपहर जारी निर्देश में इस शख्स को ह्यूमन शील्ड (मानव ढाल) कहा गया है। बता दें कि ये घटना 9 अप्रैल को हुई थी। आर्मी चीफ ने शख्स को जीप से बांधने का फैसला लेने वाले मेजर लीतुल गोगोई को अवॉर्ड भी दिया था।

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कश्मीर के बीड़वाह में 9 अप्रैल को उपचुनाव के दौरान जब हालात बेकाबू हो गए तो कर्नल रैंक के एक अफसर को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी के चलते मेजर गोगोई ने कश्मीरी शख्स फारुक अहमद डार को जीप से बांधा और ह्यूमन शील्ड के तौर पर इस्तेमाल किया।

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट की थी फोटो

पूर्व सीएम उमर अबदुल्ला ने कश्मीरी शख्स को जीप से बांधने की फोटो और वीडियो को ट्वीट किया था। इसके बाद मुद्दा गरमाया। 15 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 53 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उमर ने लिखा था, ''इस नौजवान को जीप के आगे बांधा गया, ताकि कोई आर्मी पर पथराव न कर सके। ये हैरान करने वाला है।

बौद्धिक वर्ग ने ह्यूमन शील्ड की आलोचना की थी

मेजर के इस फैसले के बाद विवाद मच गया था। सियासी पार्टियों के साथ बौद्धिक वर्ग ने भी मेजर गोगोई के फैसले पर सवाल उठाया था। हालांकि विवादों के बीच सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मेजर गोगोई का खुलकर समर्थन किया था और कहा था कि जवानों को पत्थरबाजों के बीच मरने के लिए नहीं छोड़ सकते। मेजर और सेना प्रमुख को केंद्र सरकार और बीजेपी का भी पूरा समर्थन मिला।

आयोग के आदेश के बाद मेजर गोगोई के डार को जीप के बोनट से बांधने के फैसले पर बार फिर विवाद उठने की आशंका है। क्योंकि आयोग के फैसले के बाद यह साबित हो गया है कि फारूक अहमद डार पीड़ित हैं। हालांकि सेना डार को पत्थरबाज कहती रही है और बीजेपी खुलकर सेना के समर्थन में है।

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मेजर गोगोई को मिला था अवॉर्ड

कश्मीर में पत्थरबाज को जीप के बोनट से बांधने वाले मेजर लीतुल गोगोई को आर्मी चीफ ने अवॉर्ड (प्रशस्ति पत्र) दिया था। गोगोई ने ही श्रीनगर में उपचुनाव कराने गई टीम को बचाने के लिए एक पत्थरबाज को पकड़कर काफिले की जीप के बोनट से बांधने का ऑर्डर दिया था। 

 


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