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पहली बार जर्मनी में दौड़ेगी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन, टेस्ट रन सफल, देखें वीडियो

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 18 , 2017 , 13:29 IST | साल्जगिटर

फ्रांस की मल्टीनेशनल रेल कंपनी एलस्टॉम ने हाइड्रोजन ट्रेन का पहला टेस्ट रन सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन से चलती है। जर्मनी के साल्जगिटर स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर इस ट्रेन का पहला टेस्ट रन किया गया। हाईड्रोजन ईंधन पर चलने वाली यह दुनिया की पहला ट्रेन है, जिसे फ्रांस की मल्टीनेशनल कंपनी एलस्टोम ने डेवलप और डिजाइन किया है। इस ट्रेन को हाइडरेल भी कहा जाता है।

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हाइड्रोजन ट्रेन को दुनिया भविष्य का ट्रेन मान रही है। फ्रांसीसी कंपनी अलस्टॉम के येंस स्प्रोटे के मुताबिक,

नई हाइड्रोजन ट्रेन पारंपरिक डीजल इंजन की तुलना में 60 फीसदी कम शोर करती है, यह ट्रेन पूरी तरह उत्सर्जन मुक्त है और इसकी रफ्तार और यात्रियों को ले जाने की क्षमता भी डीजल ट्रेन की परफॉर्मेंस के बराबर है

ऐसे पटरी पर दौड़ती है हाइड्रोजन ट्रेन

हाइडरेल डीजल इंजन जैसी तकनीक का ही इस्तेमाल करती है। फर्क सिर्फ इंजन की बनावट और ईंधन का है।

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ट्रेन में डीजल की जगह फ्यूल सेल, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन डाले जाते हैं। ऑक्सीजन की मदद से हाइड्रोजन नियंत्रित ढंग से जलती है और इस ताप से बिजली पैदा होती है। बिजली लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करती है और ट्रेन चलती है। इस दौरान धुएं की जगह सिर्फ भाप और पानी निकलता है।

देखिए वीडियो

जर्मनी के पांच राज्यों ने खरीदा है हाइड्रोजन ट्रेन

जर्मनी के पांच राज्यों ने फ्रांसीसी कंपनी से ऐसी 60 ट्रेनें खरीदी है। दो डिब्बों वाली एक ट्रेन को एक फ्यूल सेल और 207 पाउंड के हाइड्रोजन टैंक की जरूरत होगी। एक बार हाइड्रोजन भरने पर ट्रेन 650 किलोमीटर की यात्रा कर सकती है।

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(ट्रेन का कोच)

डेनमार्क, नार्वे, यूके और नीदरलैंड में भी दौड़ेगी हाइडरेल

जर्मनी में फिलहाल 4,000 डीजल ट्रेनें हैं। योजना के मुताबिक 2018 में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए हाइडरेल उतारी जाएंगी। यूरोपीय संघ के मुताबिक इस वक्त ईयू में 20 फीसदी ट्रेनें डीजल वाली हैं। डेनमार्क, नॉर्वे, यूके और नीदरलैंड्स ने भी इन ट्रेनों को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है।

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(ट्रेन का कंट्रोल रुम)


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