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BJP सरकार के समय में कम हो गए फाइटर प्लेन, IAF की ताकत में लगातार आ रही कमी!

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 30 , 2017 , 14:14 IST

2014 के आम चुनावों में बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टो में भारतीय वायुसेना की ताकत और क्षमता बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन हकीकत काफी निराशाजनक है। बीजेपी ने सत्ता में आने से पहले भारत के ‘संवेदनशील पड़ोसियों’ और ‘आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों’ के मद्देनजर, एयरफोर्स के फाइटर स्क्वॉड्रन की कम होती क्षमता को खूब हाइलाइट किया था।

बीजेपी ने एयरफोर्स सिस्टम को सुधारने की बात कही थी

बीजेपी ने कहा था कि एयरफोर्स के लिए मौजूदा सिस्टम की जांच कर उसमें सुधार करने की जरूरत है। लेकिन मौजूदा सत्र में एक सवाल के जवाब से पता चला है कि एनडीए सरकार अपने पूरे पांच सालों में एयरफोर्स स्क्वॉड्रन की संख्या में एक की भी बढ़ोत्तरी नहीं कर पाएगी। उलटे ये संख्या कम ही हो जाएगी।

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बीजेपी के ही एमपी ने संसद में उठाए हैं सवाल

बीजेपी एमपी अनुराग ठाकुर ने सरकार से सवाल पूछा था कि 2017-18 के लिए एयरफोर्स को कितना बजट दिया गया है। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि एयरफोर्स के पास 2020 तक 32 फाइटर स्क्वाड्रॉन और 39 हेलीकॉप्टर यूनिट होंगी। बता दें 2014 में 34-35 स्क्वाड्रॉन एयरफोर्स के पास थे। मतलब इन तीन सालों में केवल 2-3 स्कवाड्रॉन की क्षमता घट और गई है।

कम होते स्कवाड्रॉन का बड़ा कारण MIG-21 के फ्लीट्स का लगातार रिटायर होना है। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि 2020 तक मिग-21 के तीन स्कवाड्रॉन और रिटायर हो जाएंगे।

इंडियन एयरफोर्स की ताकत

फाइटर एयरक्राफ्ट स्क्वाड्रन(2014 तक)- 25

फाइटर स्क्वाड्रन (2017 तक)- 32

फाइटर स्क्वाड्रन (2020 तक)- 32

फाइटर स्क्वाड्रन (2025 तक)- 31

फाइटर स्क्वाड्रन (2032 तक) - 42

2025 तक और खराब होगी स्थिति

2025 तक तो स्थिति और भी खराब होने जा रही है। बीजू जनता दल के सांसद अर्काकेसरी देव के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया '2024 तक एयरफोर्स के दस स्कवाड्रॉन जिनमें मिग-21 और मिग-27 शामिल हैं, रिटायर हो जाएंगे। इसका कारण इनकी टेक्नीकल लाइफ का खत्म हो जाना है।

 


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