लाइफस्टाइल

हरियाली तीज मनाने वक्त याद रखें ये 5 बातें, नहीं तो हो जायेगा अनर्थ

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
337
| जुलाई 25 , 2017 , 18:40 IST | नई दिल्ली

हरियाली तीज का त्योहार महिलाओं का प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं सजती संवरती हैं और मेहंदी लगाती हैं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार में इस व्रत को बहुत ही हर्षोलास के साथ मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं झूला झूलती हैं और पूरा श्रृंगार कर पूजा करती हैं।

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज कहते हैं, जनमानस मेें इसे हरियाली तीज एवं कजली तीज के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व श्रावण शुक्ल तृतीया पराविद्धा तिथि को मनाया जाता है। इस बार हरियाली तीज, 26 जुलाई दिन बुधवार को पड़ रही है।

Download

क्यों मनाया जाता है ये तोहार

ऐसी मान्यता है कि मां पार्वती ने 107 जन्म लिए थे भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए। अंततः मां पार्वती के कठोर तप और उनके 108वें जन्म में भगवान शिव ने देवी पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से इस व्रत की शुरुआत हुई। इस दिन जो सुहागन स्त्रियां सोलह श्रृंगार करके भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करती हैं ताकि उनका सुहाग लंबे समय तक बना रहता है।

जानिए हरियाली तीज का महत्व

अगर आप भी इस साल से हरियाली तीज का यह व्रत रखना चाहती हैं तो आज हम आपको इस पूजा से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने जा रहें हैं, जो कि इस व्रत को रखने में बहुत ही मददगार होता है। इस व्रत में हाथों में नई चूड़ियां, पैरों में अल्ता और मेहंदी लगाई जाती है। हम आपको बता दें कि इस दौरान मां पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है। इस व्रत में कई जगहों पर मां की प्रतिमा को पालकी में बिठाकर झांकी भी निकाली जाती है।

1200px-Teej

हरियाली तीज की पूजा के समय ध्यान रखें ये 5 बातें...

1. हरियाली तीज के दिन सबसे पहले महिलाएं नहाकर मां की प्रतिमा को रेशमी वस्त्र और गहने से सजाएं।

2. अर्धगोले आकार की माता की मूर्ति बनायें और उसे पूजा के स्थान में बीच में रखकर पूजा करें। पूजा में कथा का विशेष महत्व है, इसलिए हरियाली तीज व्रत कथा जरूर सुनें। कथा सुनते वक्त अपने पति का ध्यान करें।

3. हरियाली तीज व्रत में पानी नहीं पिया जाता। दुल्हन की तरह सजें और हरे कपड़े और जेवर पहनें। इस दिन मेहंदी लगवाना शुभ माना जाता है। नवविवाहित महिलाएं अपनी पहली हरियाली तीज अपने मायके जाकर मनाती हैं।

4. कुछ जगहों पर महिलाएं मां पार्वती की पूजा अर्चना के बाद लाल मिट्टी से नहाती हैं। ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से महिलाएं पूरी तरह से शुद्ध हो जाती हैं।

5. दिन के अंत में सभी महिलाएं खुशी-खुशी नाचती और गाती हैं। इसी के साथ ही इस खास अवसर पर कुछ महिलाएं झूला भी झूलती हैं।


author
अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

कमेंट करें