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IND vs SA: आखिरी टेस्ट जीतकर इज्जत बचा सकती है टीम इंडिया

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 23 , 2018 , 15:40 IST

साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवा चुकी टीम इंडिया को अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए टीम इंडिया की पहली कोशिश इस टेस्‍ट में किसी तरह से हार को टालकर क्‍लीन स्‍वीप से बचने की होगी।

केपटाउन में पहला टेस्ट 72 रन से और सेंचुरियन में दूसरा टेस्ट 135 रन से जीतने के बाद मेजबान टीम सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है।

विराट कोहली की कप्तानी में विदेशी सरजमीं पर भारत की टेस्ट सीरीज में यह पहली हार है। इसमें 2014 में ऑस्ट्रेलिया में मिली हार शामिल नहीं है क्योंकि उस समय महेंद्र सिंह धोनी पूर्णकालिक कप्तान थे।

इसके साथ ही भारत का 2015 से चला आ रहा लगातार नौ सीरीज की जीत का सिलसिला भी टूट गया है।

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच जोहानिसबर्ग के द वॉन्डरर्स स्टेडियम में होना है। सीरीज में मेजबान टीम 2-0 से अजेय बढ़त बनाए हुए है। भारतीय टीम का टेस्ट फॉर्मेट में इस मैदान पर रेकॉर्ड बेहद शानदार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया अपने इस रिकॉर्ड को बरकरार रख पाएगी या नहीं।

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच द वॉन्डरर्स में साल 1992 में भिड़ंत हुई थी। मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका का दौरा किया था और उस सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच द वांडरर्स स्टेडियम में खेला गया था।

साउथ अफ्रीका ने तब पहली पारी में 292 रन बनाए जिसके बाद भारतीय टीम की पहली पारी 227 रन पर सिमट गई थी।

साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में 252 रन बनाकर टीम इंडिया को जीत के लिए 318 रन का टारगेट दिया। भारतीय टीम 4 विकेट पर 141 रन बनाकर पांचवें दिन इस मैच को ड्रॉ कराने में कामयाब रही।

टीम इंडिया के मौजूदा कोच रवि शास्त्री भी तब उस दौरे पर टीम इंडिया के सदस्य थे।
दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में साल 1997 में टीम इंडिया ने इस मैदान पर टेस्ट मैच खेला जो ड्रॉ रहा। द वॉल के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ ने इस मैच की पहली पारी में 148 रन की उम्दा पारी खेली थी।

भारत ने पहली पारी में 410 रन बनाए और दूसरी पारी 8 विकेट पर 266 रन बनाकर घोषित कर दी थी। साउथ अफ्रीका की पहली पारी 321 पर सिमटी और 356 रन के टारगेट के जवाब में उसने 8 विकेट पर 228 रन बनाए जिससे मैच ड्रॉ समाप्त हुआ। राहुल द्रविड़ को मैन ऑफ द मैच चुना गया था।

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'द वॉल' के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ की कप्तानी में वॉन्डरर्स में भारत को एकमात्र टेस्ट जीत मिली है। साल 2006 में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के दौरे पर पहला टेस्ट इस मैदान पर खेला और 123 रन से जीत दर्ज की।

इसका श्रेय एस. श्रीसंत को जाता है जिन्होंने साउथ अफ्रीका की पहली पारी मात्र 84 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई और 5 विकेट झटके। भारत ने पहली पारी में 249 रन बनाए और दूसरी पारी में 236 रन बनाकर मेजबान टीम को जीत के लिए 402 रन का लक्ष्य दिया। साउथ अफ्रीकी टीम 278 पर ऑलआउट हो गई। मैच में कुल 8 विकेट लेने वाले श्रीसंत मैन ऑफ द मैच बने।

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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच इस मैदान पर अंतिम टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने पहली पारी में 280 रन बनाए जिसमें विराट कोहली की 119 रन की शतकीय पारी खास रही।

इसके बाद जहीर खान और इशांत शर्मा ने 4-4 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका की पहली पारी 244 रन पर समेट दी। फिर दिखा चेतेश्वर पुजारा का जलवा और उन्होंने 153 रन बनाए जिसकी बदौलत टीम इंडिया का स्कोर 421 रन रहा।

458 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम ने 7 विकेट पर 450 रन बनाए और मैच ड्रॉ रहा। मैन ऑफ द मैच रहे विराट ने दूसरी पारी में भी 96 रन का योगदान दिया।

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विराट कोहली एक बार फिर जोहानिसबर्ग पहुंच चुके हैं और साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच खेलने को तैयार हैं। इस मैदान पर पिछले टेस्ट में मैन ऑफ द मैच रहे विराट एक बार फिर कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

सेंचुरियन में खेले गए पिछले टेस्ट मैच में उन्होंने 153 रन की शतकीय पारी खेली थी और एक बार फिर उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।

 


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